मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। जिसमें रीट परीक्षा की वैधता आजीवन रखने, राजस्थान भू राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए में संशोधन, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भर्ती प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किए जाने, 8 शहरों की पेयजल योजनाओं को नगरीय निकाय से पुनः जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को हस्तातंरित करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
राजस्थान भू राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए की उप धारा 8 में 17 जून, 1999 से पूर्व शहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि का अकृषि उपयोग के लिए संपरिवर्तन किए जाने का प्रावधान है लेकिन पिछले दो दशकों में सामाजिक और आर्थिक वृद्धि सहित अन्य कारणों से नगरीय क्षेत्रों में तेजी से शहरीकरण हुआ है। कृषि भूमि पर विभिन्न अकृषि गतिविधियां विकसित हुई हैं, लेकिन इस तारीख के बाद की कृषि भूमि का संपरिवर्तन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में इस प्रकार की भूमि पर आवास बनाकर और आजीविका अर्जित कर रहे आम जन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से संपरिवर्तन को सुगम बनाना आवश्यक है। इसके लिए 17 जून 1999 के स्थान पर इस तारीख को 31 दिसंबर 2021 किए जाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। गृह निर्माण सहकारी समितियों की ओर 16 जून 1999 के पश्चात जारी पट्टे या भूमि आवंटन से संबंधित प्रकरणों पर यह उप धारा लागू नहीं होगी।
पंचायती राज नियम 1996 को संशोधित करने का निर्णय
कैबिनेट ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक अध्यापक पद की सीधी भर्ती की प्रक्रिया और पद्धति निर्धारण के लिए राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 को संशोधित करने का निर्णय किया है। मंत्रिमंडल के इस निर्णय से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक के पद पर चयन प्राधिकृत अभिकरण द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कर प्राप्तांकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा। अब तक यह चयन रीट के प्राप्तांकों के आधार पर किया जाता था। इस निर्णय से राज्य सरकार की ओर से निर्धारित एजेंसी से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के अधिक योग्य अध्यापकों का चयन पूर्ण पारदर्शिता से हो सकेगा।
कैबिनेट ने ईसरदा बांध पेयजल परियोजना के डूब क्षेत्र के गांवों में राजकीय भूमि पर बनी परिसंपत्तियों और भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम-2013 की अनुसूची-2 के तहत आर एण्ड आर पैकेज के लिए 6 करोड़ 91 लाख 32 हजार 387 रूपये की एक्सग्रेशिया राशि के भुगतान को स्वीकृति दी है। इस निर्णय से परियोजना के डूब क्षेत्र में राजकीय भूमि में स्थित गांवों अरनियाकेदार, सवाई, बनेठा, चूरिया, करीरिया, चौकड़ी, सोलपुर और रायपुर में स्थित 228 मकानों तथा ईसरदा, सोलपुर एवं चौकड़ी के आरएण्डआर पैकेज (अनुसूची-2) से वंचित 79 विस्थापित व्यक्तियों को क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करते हुए उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में राज्य के 8 शहरों श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बूंदी, नागौर, करौली, नाथद्वारा, चौमूं एवं नोखा की पेयजल योजनाओं को नगरीय निकाय से पुनः जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को हस्तातंरित करने की मंजूरी दी गई। इससे इन शहरों की पेयजल व्यवस्था भविष्य में मूल विभाग द्वारा सुचारू रूप से संचालित एवं संधारित की जा सकेगी और पेयजल वितरण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हो सकेंगे। यह भी निर्णय किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनता जल योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों का समग्र रूप से परीक्षण करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने राजस्थान नगर पालिका सेवा की प्रशासनिक एवं तकनीकी सेवाओं पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से करने के लिए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम-2019 में संशोधन को मंजूरी दी है।