पत्नी के प्रेमी को झूठे केस में फंसाने के लिए एक पिता ने स्कूल गई आठ साल की बेटी का अपहरण कर लिया। बच्ची के अपहरण की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की तो ये कहानी झूठी निकली। जिसके बाद सवाई माधोपुर जिले के बामनवास थाना पुलिस ने आरोपी पिता मनीष बैरवा पुत्र परसादी लाल (38) निवासी गंडाल को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि मंगलवार शाम आरोपी पिता मनीष बैरवा ने अभय कमांड सेंटर पर कॉल कर सूचना दी कि उसकी बेटी स्कूल में पढ़ने गई थी। अभी तक घर नहीं आई है। जंगल में मिले बच्ची के बैग में एक पर्ची मिली, जिस पर लिखा है कि अभी तो लड़की को लेकर जा रहा हूं, आगे तुम्हारे साथ और बुरा होगा।
बच्ची की तलाश के लिए एसपी अग्रवाला ने एएसपी प्रकाश चंद्र और सीओ तेज कुमार पाठक के सुपर विजन व एसएचओ मनीष शर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित की। पीड़ित पिता को थाने बुला कर पूछताछ की गई। थाने के एएसआई राजेश सिंह ने घटना के दिन में मनीष बैरवा को कोर्ट परिसर में देखा था।
इस संबंध में आसूचना संकलित की गई तो पता चला कि शराब पीकर मनीष बैरवा अपनी बेटी के अपहरण का झूठा इस्तगासा करने पहले कोर्ट गया था, लेकिन वकीलों के इंकार कर दिया। जिसके बाद उसने अभय कमांड कंट्रोल को सूचना दे दी। आरोपी के गांव में भी पूछताछ की गई तो ऐसा कुछ सामने नहीं आया। मामला झूठा लगने पर मनीष बैरवा से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने झूठी सूचना देना कबूल कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि मनीष बैरवा ने अपनी पत्नी के प्रेमी सरवन बैरवा को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए अपहरण की साजिश रची थी। इसके लिए उसने पहले अपनी 8 साल की बेटी को बहनोई महेंद्र बैरवा निवासी पीरकेदा के घर छोडा फिर कोर्ट में काम नही बनने पर अभय कमांड में सूचना दे दी।