Coronavirus Lockdown in Photos
- फोटो : PTI
क्या कोरोना वायरस संक्रमण को शुरुआती दौर में तेजी से जांच करने के बाद तुरंत उपचार से इसके फैलने को रोका जा सकता है? यह सवाल इसलिए भी अहम है, क्योंकि दुनिया के कई बड़े देश ऐसा करने में विफल रहे हैं, जिसका हर्जाना वहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती जांच और तेजी से इलाज कर कोरोना वायरस को रोका जा सकता है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट एडं रिसर्च विश्वविद्यालय (आईआईएचएमआर) के अध्यक्ष डॉ एस.डी. गुप्ता ने बताया कि कोविड-19 के मामलों को खोजने, अधिक संख्या में जांच करने, उपचार करने और संक्रमित व्यक्ति या संक्रमण के संदिग्ध व्यक्ति को कोरनटाइन में भेजने की हमारी क्षमता बढाने के लिए एक प्रणाली का पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में अविश्वसनीय क्षमता है। देश के पास इस तरह के मामलों से लड़ने का माद्दा है। ऐसे में अगर इन चीजों को लागू किया जाए तो हम लॉकडाउन से सफलता पूर्वक निकलने की सोच सकते हैं।
बता दें कि महामारी विज्ञान के विशेषज्ञ गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री के कोविड-19 के लिये तकनीकी परामर्श समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए तुरंत और समय पर कार्रवाई कर रहा है। अब तक 1.87 लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है। इसके अलावा जांच की क्षमता को और बढ़ाया जा रहा है।