केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की बैठक।
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राजस्थान के जोधपुर जिले में 9.6 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का काम जल्द शुरू होगा। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अधिकारियों को बुलाकर एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट के डीपीआर कार्य की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्य प्रगति का प्रेजेंटेशन भी देखा।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय जरूरतों से अवगत कराया। साथ ही जल्द से जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड जनता के लिए हर अधिकाधिक उपयोगी बने इसका प्रयास है। एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट के निर्माण में स्थानीय विरासतों का भी ध्यान रखा गया है, जिनसे संस्कृति और जनभावना जुड़ी हुई हैं।
बतादें कि जोधपुर के वर्षों पुराने एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया था, लेकिन केंद्रीय मंत्री शेखावत के प्रयास से केंद्र सरकार ने इसके लिए करीब 1700 करोड़ रुपये मंजूर किए है। जोधपुर को यह अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मिला है। अधिकारियों ने बताया कि जोधपुर एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का निर्माण नई तकनीक से किया जाएगा। कॉरिडोर के दो पिलरों के बीच करीब 100 मीटर का अंतर होगा, जबकि वर्तमान में निर्मित पिलरों में यह अंतर 30 मीटर का है। पिलरों की संख्या कम होने से सड़क पर आने वाले अवरोध कम होंगे। यह एक थ्री लेयर एलिवेटेड रोड होगी।
शहरवासियों को मिलेगी राहत
जोधपुर शहर से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमश: एनएस-62 (नागौर -जोधपुर-पाली), एनएच-25 (बाडमेर-जोधपुर-बर) और एनएच-125 (जैसलमेर-पोकरण-जोधपुर) गुजरते हैं। तीनों राष्ट्रीय राजमार्गों के शहर के बीच से गुजरने के कारण जोधपुर की हार्टलाइन (मंडोर-पावटा-सोजती गेट-आखलिया चैराहा) पर यातायात का दबाव बना रहता है। शहर में इस हार्टलाइन के अतिरिक्त ऐसी कोई वैकल्पिक रोड नहीं है, जिससे यातायात सुगम हो सके।