डूंगरपुर जिले में राउमावि भाणासिमल पिछले कुछ साल से सुर्खियों में है। प्रिंसिपल और शिक्षिका के बीच विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा। शिक्षिका मिनल पांड्या द्वारा प्रिंसिपल के खिलाफ स्त्री लज्जा भंग करने और छेड़छाड़ का आरोप लगा चौरासी थाने में मामला दर्ज कराया है।
वहीं, पूर्व में भी शिक्षा विभाग, जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई थी। दूसरी ओर प्रिंसिपल नागेंद्र सिंह चौहान के समर्थन में स्कूल की एसडीएमसी, एसएमसी, पंचायत कोरम ने भी गुरुवार को शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर जिला कलेक्टर के नाम सीमलवाड़ा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
गुरुवार को सौंपे ज्ञापन में शिक्षिका को स्कूल से हटाने की मांग की है। मांग नहीं माने जाने पर जुलाई से बच्चों को स्कूल नहीं भेजने और टीसी निकलवाने की चेतावनी दी है। एसडीएमसी अध्यक्ष लक्ष्मण खराड़ी ने बताया कि शिक्षिका बार-बार बेवजह से स्कूल और प्रिंसिपल का नाम बदनाम कर रही है। महिला होने का नाजायज फायदा उठा रही है।
पूर्व में विभागीय जांच में शिक्षिका को ही दोषी माना गया था और उन्हें 16 सीसीए का नोटिस 25 मई को उप निदेशक उदयपुर की ओर से मिलने पर शिक्षिका ने नया नाटक करते हुए प्रिंसिपल पर हाथ पकड़कर खींचने, स्त्री लज्जा भंग करने का झूठा आरोप लगाते हुए चौरासी पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षिका का स्कूल के बच्चों के साथ व्यवहार सही नहीं है। पूर्व में भी कार्मिकों के साथ विवाद कर विद्यार्थियों के शिक्षण कार्य में बाधक बनने का आरोप लगाया है।