राममंदिर वाली अंगूठी दिखाते रत्नेश तांबी।
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हिंदुस्तान में अब तक जो ज्वेलरी बनती थी वह मुगल काल से इंस्पायर्ड थी। अब जब राम मंदिर और भगवान राम लाल की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है तो फिर ज्वेलरी राम मंदिर और हमारी सनातन संस्कृति से प्रेरित क्यों न हो, ये कहना है जयपुर के रत्नेश तांबी का जो पेशे से एक ज्वेलर हैं।
इन्होंने राम मंदिर से प्रेरित होकर राम मंदिर की दीवारों पर राम मंदिर के गर्भ ग्रह की छत पर राम मंदिर में अलग-अलग पिलर्स पर जिस तरीके की आकृतियां उकेरी गई हैं उनको सोने की ज्वेलरी में गढ़ने का प्रयास किया है।
जयपुर में आयोजित रॉयल ज्वैलरी शो में रत्नेश तांबी ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। राम मंदिर से प्रेरित होकर राम मंदिर के अंदर जो आकृतियां उकेरी गईं हैं उन आकृतियों को सोने और हीरे के आभूषणों में उतारा है।