दलित मनरेगा महिला श्रमिकों से भेदभाव
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धौलपुर में दलित मनरेगा महिला श्रमिकों से भेदभाव का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पचगांव पर मजदूरों ने रोजगार नहीं देने के आरोप लगाए हैं। महिला श्रमिक मनोरमा ने बताया, विगत 15 साल पुराना उनका जॉब कार्ड बना हुआ है। लेकिन पंचायत द्वारा उनको मनरेगा योजना में रोजगार नहीं दिया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, पचगांव ग्राम पंचायत के गांव नरपुरा में वर्तमान समय में खुदाई और सड़क का काम चल रहा है। लेकिन जनप्रतिनिधि और ग्राम विकास अधिकारी जातिगत भेदभाव कर रहे हैं। सजातीय महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, दलित समाज की महिलाओं को रोजगार से वंचित किया जाता है। भारत सरकार की मनरेगा योजना रोजगार की योजना है। लेकिन सिस्टम की नाकामी की बदौलत समाज के पात्र लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है। अधिकारी और पंचायत के जनप्रतिनिधि चहते लोगों को लाभ दिला रहे हैं। शुक्रवार को दलित समाज की महिलाओं ने लामबंद होकर जिला कलेक्टर अनिल कुमार अग्रवाल को शिकायत पत्र दिया है, जिसके माध्यम से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मनरेगा योजना में रोजगार दिलाने की मांग की है।
छुआछूत के गंभीर आरोप...
मनरेगा श्रमिक महिला मनोरमा ने बताया, सभी महिला श्रमिक दलित समाज से ताल्लुक रखती हैं। दलित समाज की महिला होने के कारण भेदभाव किया जाता है। समस्या को लेकर पूर्व में भी कई मर्तबा जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है। लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। मामले को लेकर अतिरिक्त कलेक्टर सुदर्शन सिंह तोमर ने कहा, मनरेगा योजना में पात्र महिलाओं को रोजगार दिलाया जाएगा। छुआछूत के आरोपों की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।