भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व राजस्थान के प्रभारी अरुण सिंह ने 2023 में राजस्थान में तीन चौथाई बहुमत से सरकार बनाने का दावा किया था। उनके इस बयान पर राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने तंज कसा है। राठौड़ ने कहा कि भाजपा राजस्थान में सरकार बनाने के लिए मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है ।
धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि 1998 में आलू-प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी पर अटल बिहारी वाजपेई की सरकार चली गई थी और भाजपाई बढ़ती महंगाई बेरोजगारी डीजल पेट्रोल एवं गैस के दामों में बढ़ोतरी के बावजूद हसीन सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 25 सांसद सत्ता के नशे में चूर होकर आम जनता का शोषण कर रहे हैं । उन्होंने सभी 25 सांसदों को चुनौती दी कि वह अपने तीन साल की रिपोर्ट कार्ड आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करें।
भाजपा में घबराहट
निगम अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि पूर्वी नहर परियोजना पर राजस्थान के सभी सांसद गांधीजी के तीन बंदरों की तरह संसद में पैरवी करने के बजाय मौन बैठे हैं। यह सांसद न तो राज्य के हित में बोलते हैं, न ही इन्हें कोरोना काल में राजस्थान से पैदल जाते मजदूर दिखाई दिए और ना ही जनहित की कोई बात सुनाई देती हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार अपने चुनावी एजेंडे और बजट घोषणाओं को धरातल पर मूर्त रूप दे रही है। जिससे भाजपा में घबराहट है। राजस्थान का स्वास्थ्य मॉडल पूरे देश की और प्रदेशों की सरकारों के लिए अनुकरणीय हैं।
पेट्रोल पर कीमत में मामूली कटौती दिखावा
इसके साथ ही धर्मेंद्र राठौड़ ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती पर तीखी प्रतिक्रिया दी। राठौड़ ने कहा कि पहले ईधन की दरों में अत्यधिक वृद्धि करना और फिर बाद में मामूली कटौती करने का दिखावा किया गया है। यह कटौती ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को महंगाई से वास्तव में राहत तभी मिलेगी जब उत्पाद शुल्क को घटाकर छह या साल पूर्व वाला उत्पाद शुल्क किया जाए।