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Kota News: मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा की कमरे में मिली लाश, पिता ने पीजी मालिक पर लगाए गंभीर आरोप 

Sun, 05 Jun 2022 05:33 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

कोटा में पीजी में रह रही छात्रा का शव उसके कमरे में मिला है। मृतका के पिता ने पीजी मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  
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एक साल से पीजी में रह रही थी छात्रा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान कोटा में पीजी में रह रही 17 साल की छात्रा का उसके कमरे में शव मिला। छात्रा करीब एक हफ्ते से बीमार थी। उसके परिजनों का आरोप है कि बीमार होने के बाद भी पीजी मालिक से डॉक्टर को दिखाने नहीं ले गया। साथ ही उन्हें भी बेटी की हालत के बारे में नहीं बताया। मृतका के पिता ने कहा, मेरी बेटी डॉक्टर बनना चाहती, लेकिन डॉक्टर का ही इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। उधर, पुलिस ने पीएम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है सभी बिंदुओं के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।   

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मामला कोटा के कमला उद्यान इलाके का है। आगरा के सिकंदराबाद के की रहने वाली आयुषी यहां पीजी में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही थी। रविवार को कोटा पहुंचे पिता ने पुलिस को बताया, शनिवार सुबह नौ बजे उसकी बेटी से बात हुई थी। आवाज से बेटी की तबीयत खाराब लग रही थी। हालांकि, उनके पूछने पर उसने अपनी तबीयत ठीक बताई थी। इस दौरान उन्होंने बेटी से कहा कि वह उसे रविवार को लेने आ रहे हैं। 

बात होने के करीब एक घंटे बात पिता ने बेटी का कॉल लगाया तो उसने कॉल नहीं उठाया। कई बार कॉल करने के बाद भी वह कॉल नहीं उठा रही थी। आखिर में पिता ने पीजी मालिक को कॉल कर बेटी की जानकारी ली और उसे उसके कमरे में देखने के  लिए कहा। पीजी मालिक कमरे में पहुंचा तो वह बेहोश पड़ी थी। इसके बाद बेटी के पिता ने कोटा में रहने वाले एक परिचित को कॉल किया और उसे डॉक्टर के पास ले जाने के लिए कहा। बेटी के अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। 
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पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी कुछ दिन से बीमार थी। उसे उल्टी और दस्त की शिकायत थी। पिता ने उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा था। साथ ही पीजी मालिक से भी से भी कहा था, लेकिन उन्होंने उसे डॉक्टर को नहीं दिखाया। पिता ने कहा, उनकी बेटी एक साल से पीजी में रह रही थी। पीजी मालिक के भरोसे ही उन्होंने उसे यहां छोड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पीजी मालिक ने बेटी का ध्यान नहीं रखा। किराए को लेकर भी वह उसे परेशान कर रहा था। 

उन्होंने कहा, बेटी के साथ-साथ हमारे भरोसे की भी मौत हुई है। बेटी को समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच जाती। मेरी बच्ची डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन डॉक्टर का ही इलाज नहीं मिलने से ही शायद उसकी मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीजी मालिक जितेंद्र जैन ने इन सभी आरोप को गलत बताया है। उन्होंने कहा, मैंने बच्ची की तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। उसे यहां से ले जाने के लिए भी कहा था, लेकिन वह उसे लेने नहीं आए।  

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