सांसद मुरारीलाल मीणा और उनकी बेटी सहित अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
राजनीति के बारे में कहा तो यह जाता है कि राजनीति के मंच पर कुछ भी संभव है। लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि संभव वही होता है, जिसका फैसला आपके मन के द्वारा किया गया हो।
दरअसल, बीते दिनों दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा की बेटी निहारिका जोरवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर ड्राइवर मुकेश मीणा को विधानसभा प्रत्याशी बता दिया। ये पोस्ट भी ऐसे वक्त सामने आई है, जब कुछ ही दिनों में दौसा विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होना है। इस पोस्ट को अब सोशल मीडिया पर वायरल होता देख कांग्रेस के उन लोगों के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है, जो लोग दौसा विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस से टिकट लेने की भागदौड़ में लगे थे।
इधर ये पोस्ट भी खुद सांसद मुरारीलाल की बेटी निहारिका द्वारा की गई है तो क्या सांसद के ड्राइवर को दौसा विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बताना कितना उचित है। क्योंकि दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा पहले ही कह चुके हैं कि विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट उनके परिवार का कोई सदस्य दावेदारी नहीं करेगा। लेकिन यह भी सच है कि कोई भी व्यक्ति किसी के साथ जब काम करता है तो भले ही वह उसके परिवार का सदस्य न हो, लेकिन पारिवारिक सदस्य की गिनती में आना जरूर शुरू हो जाता है।
सांसद मुरारीलाल की बेटी के द्वारा सोशल मीडिया पर यह पोस्ट वायरल करने के बाद अब उन कांग्रेसियों के दिल को धक्का पहुंचा है, जो दौसा विधानसभा सीट खाली होने के बाद दौसा से विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना देख रहे थे। लोगों का तो यहां तक भी कहना है कि यदि सांसद के ड्राइवर को दौसा विधानसभा उपचुनाव का टिकट मिलता है तो यह टिकट भी घर में ही रहेगा। बताया तो यह भी जा रहा है कि कुछ लोग बगावत भी कर सकते हैं।
लेकिन अभी तक खुलकर सामने इसलिए नहीं आए हैं कि टिकट अभी प्रमाणित नहीं हुआ है। केवल सोशल मीडिया पर सांसद ड्राइवर मुकेश मीणा को विधानसभा का प्रत्याशी बताया गया है। हालांकि, इस पोस्ट को सार्वजनिक करने के बाद सोशल मीडिया पर जब लोगों ने निहारिका जोरवाल को ट्रोल करना शुरू किया तो उन्होंने यह कहकर बात समाप्त कर दी कि आप सब की भावनाओं को देखते हुए अब मुकेश मीणा पर 2028 में होने वाले चुनाव के लिए विचार किया जाएगा।