निरीक्षण करते विभाग के अधिकारी।
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दौसा जिले में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण जलाशय और ताल तलैया ओवरफ्लो की स्थिति में आ गए हैं। जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि आपदा प्रबंधन के निर्देशों के तहत कलेक्ट्रेट भवन में जिला स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित किया गया है। जिले में हालात काबू में हैं, लेकिन प्रशासन एहतियात बरतते हुए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और कलेक्टर खुद बांधों की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।
दौसा जिले में इन दोनों मानसून अच्छा खासा मेहरबान है, जिसके चलते जिले के कुछ ताल तलैया भरने के कगार पर आ पहुंचे हैं। कई जगह ओवरफ्लो चल रहा है। पिछले कई दिनों से आलम ये है कि सूर्य देवता के दर्शन इस बारिश के चलते हो ही नहीं रहे। फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन एतिहात के तौर पर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दौसा जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार कई जगह जाकर बांधों के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
उधर, जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि जिला नियंत्रण कक्ष तीन पारियों में 24 घंटे संचालित होगा। जरूरत पड़ने पर नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01427-224903 एवं टोल फ्री नम्बर 1077 जारी कर आह्वान किया गया है कि उनकी मदद के लिए इन नंबरों पर कॉल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिला आपदा प्रबन्धन एवं बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी अधिकारी श्यामलाल शर्मा जिला रोजगार अधिकारी होंगे एवं सहायक प्रभारी अधिकारी राकेश कुमार मीना ऑफिस कानूनगों तहसील दौसा एवं रामप्रसाद शर्मा पटवारी उपतहसील गुढाकटला को बनाया गया है।
इधर, अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग रामनिवास मीना ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने हेतु जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वृत कार्यालय में स्थापित किए गए। नियंत्रण कक्ष को मानसून समाप्ति तक बाढ़ नियंत्रण कक्ष के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वृत कार्यालय में संचालित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 01427-294100 हैं।