राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने दौसा में एक कार्यक्रम में कहा कि मंत्री जब सत्ता में होता है तो जनता की समस्या का सामना करने से डरता है। लेकिन मैं उन लोगों में से हूं, जो जनता का सामना करते हैं। यह बात उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान के जवाब में दिया है, जिसमें गहलोत ने कहा था कि किरोड़ीलाल पहले तो बहुत आंदोलन करते थे। लेकिन जब राजीव गांधी मित्र उनके पास गए तो उन्होंने उनको धक्के देकर बहार निकाल दिया जाता है।
राजीव गांधी मित्रों के धरने पर मुख्यमंत्री गहलोत के बयान पर किरोड़ीलाल मीणा बोले, महिलाएं प्रायोजित रूप से भेजी गई थीं। कांग्रेस ने मेरे घर पर भेजा था, लेकिन फिर भी मैंने संबंधित अधिकारी से बात करके कहा कि लोकतंत्र के अंदर आंदोलन का अधिकार सबको है और जिस दिन यह महिला मेरे निवास पर आई थी, उस दिन मैं अपने निवास पर मौजूद नहीं था। आज कोई भी पीड़ित महिला, बेरोजगार या किसान मेरे पास आएगा तो मैं उसकी मदद करूंगा। क्योंकि मैंने भी प्रतिपक्ष में रहकर 678 आंदोलन किए थे।
धर्मांतरण पर बोले मंत्री
पूरे देश में धर्मांतरण हो रहा है, नॉर्थ ईस्ट में बहुत हुआ है। उदयपुर में धर्मांतरण बहुत हुआ है। अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या इसके सहसंगठन नहीं होते तो बड़े पैमाने पर धर्मांतरण होता। हमारी विचारधारा ऐसी है, जो धर्मांतरण को रोक रही है। किसी बहकावे में आ जाते हैं, उनको समझने का काम कर रहे हैं और धर्म में बने रहे प्रभोलन देकर दवाब डालकर धर्मांतरण किया जा रहा है। उनके खिलाफ कानून में प्रावधान है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।