दौसा पुलिस ने आदर्श आचार संहिता की पालना में कार्रवाई करते हुए बस से 112 किलो चांदी बरामद की, जिसकी कीमत करीब 65 लाख रुपये बताई गई है। बरामद चांदी के बारे में बस में मौजूद लोगों से जानकारी ली गई। चांदी के बारे में किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। चांदी को अभी तक लावारिस माना जा रहा है।
दौसा जिले के महुवा उपखंड में आचार संहिता लगने के बाद रविवार को महुवा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बड़ी मात्रा में चांदी के जेवरात बरामद किए है। जांच के दौरान बस से दो कट्टों में पैक पार्सल बरामद हुआ। जिसकी जांच करने पर उसमें बड़ी मात्रा में चांदी के जेवरात मिले। जिनकी कीमत मार्केट मे 65 लाख रुपये बताई जा रही है।
महुवा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि बस में 112 किलो बरामद चांदी की कीमत करीब 65 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं, बरामद चांदी के बारे में बस में मौजूद लोगों से जानकारी ली गई। चांदी के बारे में किसी ने कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में फिलहाल चांदी के आभूषणों को जब्त कर लिया गया है। वहीं, जेवरातों के मालिक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
हालांकि इस मामले में किसी का नाम सामने नहीं आया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिस बस से चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। वो बस आगरा से चूरू जा रही थी। टीकरी जाफरान के समीप नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने बस से चांदी के 112 किलो जेवरातों को जब्त कर लिया गया है।
आचार संहिता के को लेकर लोकसभा चुनाव के चलते जिले में जगह-जगह नाकाबंदी प्वॉइंट बनाए गए हैं। ऐसे में रविवार को महुवा थाना पुलिस ने भरतपुर बॉर्डर से पहले टीकरी जाफरान के पास नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान वाहनों की जांच की जा रही थी। ऐसे में भरतपुर की ओर से आ रही एक प्राइवेट बस को रुकवाकर उसकी जांच की गई।
आचार संहिता लगने के दूसरे दिन ही भारी मात्रा में चांदी के आभूषण बरामदगी के बाद दौसा प्रशासन अलर्ट हो गया है। बता दें कि विधानसभा चुनाव 2023 में भी महुवा थाना पुलिस ने बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण बरामद करने जैसी बड़ी कार्रवाईयों को अंजाम दिया था।
अब बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि दौसा जिले की महवा थाना पुलिस द्वारा की गई चांदी पर इस कार्रवाई के बाद अभी तक इस चांदी का कोई मालिक सामने नहीं आया है, जिसके चलते इस चांदी को लावारिस बताया जा रहा है।