राजस्थान का स्वयं एक अग्रणी संगठन जो सभी के लिए सुगम्यता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम (एनडीएफडीसी) फाउंडेशन के सहयोग से 13 मार्च को दौसा में सुगम्यता की महत्वता के बारे में जागरुकता के लिए बताया गया।
इस मौके पर प्रवक्ता ने सभा के साथ साझा किया कि 2023 में स्वयं ने 27 मार्च को 'विश्व सुगम्यता दिवस' के रूप में घोषित करने के लिए एक आंदोलन शुरू किया था। भारत और दुनिया भर में 27 मार्च को विश्व एक्सेसिबिलिटी दिवस के रूप में मान्यता और उत्सव को मजबूत करने की उम्मीद के साथ स्वयं ने अपना दूसरा वार्षिक उत्सव एक्सेसिबिलिटी अवेयरनेस पखवाड़ा अभियान शुरू करेगा।
एनडीएफडीसी के सीएमडी नवीन शाह ने 27 मार्च को विश्व एक्सेसिबिलिटी दिवस के रूप में घोषित स्वयं की घोषणा का समर्थन करने का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में शामिल हुए 150 से अधिक दिव्यांगजनों और अन्य सरकारी अधिकारियों ने भी अपना समर्थन देने का वादा किया। स्वयं ने सभी को उनके अमूल्य समर्थन के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र जारी किया।
एनडीएफडीसी ने कई बार स्वयं के साथ एक्सेसिबिलिटी के बारे में जागरुकता बढ़ाने में सबसे प्रमुख भूमिका निभाई है। विशेष रूप से 2023 में उनके संयुक्त प्रयासों से एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम्य पारिवारिक शौचालय (एएफटी) के लिए ऋण की सुविधा प्रदान की गई। स्वयं ने अधिक सुगम्य वातावरण बनाने के प्रति उनके समर्पण के प्रमाण के रूप में सभा के साथ सहयोग और इसकी आवश्यकता का विवरण साझा किया।
आयोजन के दौरान इस बात पर जोर दिया कि हम सभी मिलकर एक समाज का निर्माण कर सकते हैं। जहां सुगम्यता केवल एक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार हो। जो सभी व्यक्तियों के लिए उनकी शारीरिक क्षमताओं की परवाह किए बिना इनक्लूसिविटी और समान अवसर सुनिश्चित करता हो। सुगमय दिवस की घोषणा के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, रेड क्रॉस, पैरालिपिक कमेटी भारत, डीसीसीआई एवं एनडीएफडीसी भी कर रहे हैं।
उधर, भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान के संस्थापक रामकृष्ण गोस्वामी ने कहा कि समाज में राजनीति ही न्याय व्यवस्था की स्थापना की बुनियाद है और श्रीमद् भगवदगीता ही राजनीति के राजधर्म की राज विद्या है। जन जन गीता और घर घर गीता के माध्यम से इस अभियान को गति मिलेगी और श्रेष्ठ व्यक्ति का र्निमाण भी यही से होगा।
विकास निगम (एनडीएफडीसी) एक सरकारी एजेंसी है, जो विकलांग व्यक्तियों को विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता और समर्थन प्रदान करके सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। एनडीएफडीसी पूरे भारत में विकलांग व्यक्तियों के सामाजिक-आर्थिक समावेशन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में आयोजक सोहनलाल मीणा गुजरात से अश्विन सोरठिया, राजेश अमृत लाल, हर्ष राजेंद्र शर्मा स्वयं टीम से भूपेंद्र और चंदन समेत 250 से अधिक दिव्यांग भी उपस्थित रहे।