दौसा लोकसभा सीट पर कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नरेश मीणा ने चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अब नरेश मीणा ने चुनावी रण छोड़ दिया और अपना नामांकन वापस ले लिया है। राजस्थान में प्रथम चरण के मतदान के लिए नामांकन वापसी का आज अंतिम दिन होने के चलते कांग्रेस से बागी होकर नामांकन दाखिल करने वाले नरेश मीणा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।
इस मौके पर नरेश मीणा ने कहा यह नामांकन वापसी में कांग्रेस पार्टी के हित में जन भावनाओं के आधार पर ले रहा हूं। मैने अपना नामांकन अपनी इच्छा से वापस लिया है। मैं कांग्रेस पार्टी के लिए काम करूंगा और कांग्रेस पार्टी को जीतने का प्रयास करूंगा।
उधर, नामांकन वापसी के बाद नरेश मीणा बोल मैंने कांग्रेस पार्टी से टिकट मांगा था मुझे टिकट नहीं मिला जिसको लेकर मेरे समर्थकों और मेरे अंदर भी रोष था। उस रोष को और जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मैंने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन मेरे जो शुभचिंतक और मेरी पार्टी में मेरे परिवार में उन सब का यह मानना था कि मुझे कांग्रेस पार्टी के हित में अपना नामांकन वापस लेना चाहिए। इसके चलते मैं आज अपना नामांकन वापस ले लिया है।
इधर नामांकन दाखिले से पहले नरेश मीणा ने कहा था कि दौसा से मुरारी लाल मीणा सांसद बन जाएंगे उनकी बेटी विधायक बन जाएगी तो नरेश मीणा का क्या होगा तो इस पर नरेश मीणा ने कहा कि वह बात अब गई और कांग्रेस पार्टी जो मुझे जिम्मेदारी देगी उसी के अनुसार में काम करूंगा। लेकिन नरेश मीणा के नामांकन वापस लेने के साथ ही अब कांग्रेस की मुश्किलें थोड़ी कम जरुर हो सकती है जिसके चलते दौसा लोकसभा सीट पर अब भाजपा के कन्हैया लाल मीणा और कांग्रेस के मुरारी लाल मीणा में सीधी टक्कर होगी।
हालांकि नरेश मीणा ने इस मौके पर भी कांग्रेस को सलाह देते नजर आए नरेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में परिवार वाद है जो ठीक नहीं है पार्टी को नए चेहरे को और युवाओं को मौका देना चाहिए। यह दौसा लोकसभा सीट मेरे गुरु (सचिन पायलट का नाम लिए बिना) की प्रतिष्ठा की सीट है, जिसके चलते उनके आदेशों की में आवेलना नहीं कर सकता। इसलिए मैंने दौसा लोकसभा सीट से अपना नामांकन वापस लिया है।