दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा ने आगे कहा कि इसमें सरकार ने कहीं ना कहीं सही रूप से आरक्षण की पैरवी नहीं की, जिसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ेगा। मुरारी लाल ने कहा कि एसटी को आरक्षण उसकी जाति की वजह से नहीं, बल्कि उसके सामाजिक परिवेश से उसकी संस्कृति से मिला हुआ है। आरक्षण के लिए एसटी और एससी दोनों के पैरामीटर अलग-अलग हैं।
दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि ऐसा लगता है जैसे एसटी एससी के आरक्षण को खत्म करके ईडब्ल्यूएस और ओबीसी को आरक्षण देने की इच्छा हो। सांसद ने आगे कहा कि आज देश में आरक्षित वर्ग की संख्या 25% के आसपास है और सरकारी नौकरियों में मात्र 15% के आसपास ही पद भरे हुए हैं।
सांसद ने आगे कहा कि मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति भी इस बात की पक्षधर है जो बात मैंने 8 दिन पहले बताई थी कि जैसे सिविल सेवा की परीक्षाएं जैसे होती है वैसे न्यायिक सेवा में भी परीक्षाएं लागू होना चाहिए। सांसद मुरारी लाल ने कहा कि हम लोग पहले ही कह रहे थे कि यदि मोदी फिर से सत्ता में आ गई तो आरक्षण खत्म करेगी।