फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dausa News: मां ने दो बच्चों समेत की थी आत्महत्या, सुसाइड के लिए मजबूर करने वाले पति, जेठ और जेठानी को हुई जेल

Fri, 21 Jun 2024 06:40 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

सार

एक विवाहिता और उसके दो बच्चों के जिंदा जलने के 11 साल पुराने मामले में एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है। मामले में आरोपी पति, जेठ और जेठानी को विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाया है।
विज्ञापन
बांदीकुई एडीजे कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दौसा जिले की बांदीकुई एडीजे कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में शुक्रवार को अपर एवं जिला सेशन न्यायाधीश सुनील गुप्ता ने फैसला सुनाया है। इसमें पति, जेठ और जेठानी को पांच साल का कारावास और पांच हजार आर्थिक दंड से दंडित किया है।

विज्ञापन


लोक अभियोजक राजेश भडाना ने बताया, मामला 11 अप्रैल 2013 को प्रार्थी अवधेश कुमार पुत्र रामेश्वर प्रसाद निवासी वार्ड नंबर-19 देवतवाल कॉलोनी बडियाल रोड बांदीकुई ने पुलिस थाना बसवा में एक रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मेरी बहन मिथिलेश शर्मा उर्फ पिंकी की शादी साल 2006 में नरेंद्र कुमार पुत्र रामावतार तिवारी निवासी बसवा के साथ संपन्न हुई थी। उसके बाद मेरी बहन के दो बच्चे बड़ी लड़की हर्षिता (5) और लड़का जिन्नि (3) पैदा हुए। जब तक मेरी बहन के ससुर और दादी ससुर जीवित थे, तब तक मेरी बहन अपने घर में सुखी थी। उनके मरने के बाद मेरी बहन को आए दिन किसी न किसी बहाने परिवार वाले परेशान करते आ रहे थे। मेरी बहन का स्वभाव सीधा और नरम था।

इस वजह से सहन करती रही। पिछले चार-पांच दिनों से मेरी बहन के घर परिवार में उनकी जमीन जायदाद के बंटवारे का विवाद चल रहा था। इस बात को लेकर सात अप्रैल 2013 को दोनों बुआ, सास और अलवर वाली बुआ के दोनों लड़के तथा मेरी बहन के जेठ जितेंद्र कुमार तिवारी और जेठानी मधु तिवारी दोनों बड़ी ननद और ननदोई शाम को इनके घर बैठकर अपना-अपना हिस्सा बताते हुए जमीन जायदाद लेने की बात हुई। इस बात से मेरी बहन नाखुश थी। मेरी बहन के साथ इन लोगो ने मारपीट की। सुबह मेरी बहन ने नौ बजकर 13 मिनट पर फ़ोन किया था। इस बात की सूचना देना चाह रही थी, लेकिन पूरी बात होने से पहले फोन काट दिया गया।
विज्ञापन


इसके बाद आठ अप्रैल 2013 को मेरी बहन के ससुराल पक्ष से समय सुबह 10:15 बजे सूचना मिली की मेरी बहन व उसके दोनों मासूम बच्चे जलकर मर गए। इस पर हम तुरंत भाग कर बसवा गए तो तीनों की लाश पुराने मकान में जली हुई मिली। मेरी बहन मिथिलेश शर्मा उर्फ पिंकी, हर्षिता और जिन्नि को ससुराल पक्ष व उनके रिश्तेदारों ने आपसी जायदाद के बंटवारे को लेकर तीनों पर मिट्टी का तेल डालकर जलाकर मारा है। इस पर थाने पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की गई तो आरोपी नरेंद्र कुमार, हितेंद्र तिवारी और मधु तिवारी निवासी बड़ा बाजार बसवा के विरुद्ध अपराध प्रमाणित मानकर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।

इस पर न्यायालय अपर जिला एवं न्यायाधीश संख्या-2 सुनील कुमार गुप्ता ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी नरेंद्र कुमार, हितेंद्र तिवारी और मधु तिवारी को आत्महत्या के उकसाने का दोषी मानते हुए सभी को पांच साल का कारावास के साथ प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक राजेश भडाना ने बताया कि प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 19 गवाह और 32 दस्तावेज पेश किए गए थे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें