प्रोबेशन पूर्ण होने पर सभी अध्यापक (थर्ड ग्रेड) प्रबोधकों का एक समान प्रारंभिक वेतन पर फिक्सेशन करवाने के लिए शिक्षक संगठन आगे आया है। शिक्षक संगठन ने बताया, एक जुलाई 2013 से पहले और बाद प्रोबेशन पूर्ण करने वालों का एक समान वेतन पर फिक्सेशन नहीं है।
बता दें कि राज्य में एक जनवरी 2006 से छठा वेतनमान लागू किया गया था। फिर इसमें एक जुलाई 2013 से संशोधन कर अध्यापकों, प्रबोधकों को 3600 ग्रेड-पे तथा प्रोबेशन के बाद 12,900 प्रारंभिक वेतन दिया गया। इस स्कूली शिक्षा विभाग में वित्त विभाग द्वारा जारी अनेक संशोधनों की एक समान व्याख्या नहीं होने से 2008/2009 में नियुक्त प्रोबेशन पूर्ण करने वाले शिक्षकों व समकक्ष पदों वालों को 12,900 न्यूनतम प्रारंभिक वेतन नहीं मिल पाया है।
जबकि एक जुलाई 2013 के पहले यहां तक कि छठा वेतनमान लागू होने एक जुलाई 2006 के पहले से कार्यरत अध्यापकों को उनकी नियुक्ति तिथि से 3600 ग्रेड-पे मानकर सभी वित्तीय लाभ दिए गए हैं। इससे कनिष्ठ-कार्मिक को वरिष्ठ कार्मिक से अधिक वेतनमान की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ज्ञापन में बताया है कि एक आंकलन के अनुसार, प्रकरण पे स्टेप अप का नहीं, बल्कि नव-नियुक्त से दो वर्ष प्रोबेशन पूर्ण करने पर छठे वेतनमान में न्यूनतम 12,900 वेतन फिक्सेशन का है।
ऐसे में संगठन का आग्रह है कि एक जुलाई 2013 के पहले और एक जुलाई 2013 के बाद नियुक्ति में विभेद नहीं करके छठा वेतनमान लागू होने के दिनांक एक जनवरी 2006 को इसके बाद सफलतापूर्वक दो वर्ष प्रोबेशन पूर्ण करने की दिनांक से सभी नव-नियुक्त (अध्यापक, शारीरिक शिक्षक, प्रबोधक, पुस्तकालयाध्यक्ष) को न्यूनतम 12,900 वेतन दिलवाया जाए।