दौसा मुंसिफ मजिस्ट्रेट न्यायालय में 23 मार्च 2022 को अनिल बनाम जिला कलेक्टर दौसा मुकदमे में पंखे बदलने और जुर्माना अदा करने के आदेशों की अवहेलना करने पर न्यायालय ने जिला कलेक्टर की गाडी सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता और सहायक अभियंता की अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सिविल लाइंस स्थित एक न्यायिक कर्मचारी के क्वार्टर में पंखे खराब हो गए थे। शिकायत करने के बावजूद भी जिम्मेदारों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, जिस पर न्यायिक कर्मचारी अनिल ने स्थाई लोक अदालत में दावा पेश किया।
न्यायालय द्वारा पंखों को सुधारने या परिवर्तित कराने के आदेश जारी कर दिए गए। लेकिन करीब एक साल गुजरने के बावजूद भी न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं हुई। आदेशों की अवहेलना करने पर न्यायालय ने जिला कलेक्टर की इनोवा गाड़ी सहित पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की अचल संपत्ति जिसमें कुर्सी-टेबल आदि आते हैं, उन्हें कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए।
कोर्ट आदेश की पालना में पहुंचे थे कर्मचारी...
कोर्ट आदेश की जिसकी पालना में मुंसिफ कोर्ट के अमीन विनोद कुमार जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। कर्मचारी के अनुसार जब उन्होंने गाड़ी कुर्क करने के आदेश की जानकारी दी तो गाड़ी में डीजल भराने के बहाने से जिला कलेक्टर ने गाड़ी को रवाना करवा दिया। हालांकि, इस मामले में कुर्की करने आए कर्मचारी का कहना है कि जिला कलेक्टर ने तेज आवाज में बोलते हुए अभद्रता भी की है, जिसकी सूचना उन्होंने अपने संबंधित अधिकारियों को मौखिक बता दी है।
जैसे भी संभव होगा, कुर्की की कार्रवाई की जाएगी...
गाड़ी नहीं मिलने के मामले में सेल अमीन विनोद ने कहा कि न्यायालय के आदेशों की पालना कराना हमारी जिम्मेदारी है, जिसके लिए गाड़ियां जहां भी जिस स्थिति में मिलेगी। वहीं से उठाकर न्यायालय को समर्पित की जाएगी। अनिल बनाम जिला कलेक्टर केस में क्वार्टर में लगे पंखे बदलने या रिपेयरिंग कराने के कंपनसेशन में 25000 रुपये का जुर्माना 28 मार्च 2022 को हुआ था। इसी की पालना नहीं होने पर कोर्ट आदेश पर कुर्की की कार्रवाई करने कोर्ट कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे।