चौहटन की पहाड़ियों से बहने लगे झरने।
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बिपरजॉय तूफान के असर से बाड़मेर में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है। संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने जलभराव वाले गांवों को खाली करवाना शुरू कर दिया है। लोगों को घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
बाड़मेर जिला कलेक्टर अरुण कुमार और पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद भी ग्रामीण इलाकों के हालात जानने के लिए चौहटन पहुंचे हैं। तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए शेरवा उपखंड क्षेत्र के बांका शहर के आसपास के 3 गांवों के लोगों को सरकारी स्कूलों में शिफ्ट किया गया है।
वहीं, गुजरात के कच्छ के रण से सटे बाड़मेर के तारीसरा गांव के 25 परिवार और गिड़ा के 15 परिवारों को सरकारी स्कूल में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने लोगों के खाने पीने की व्यवस्था की है। चौहटन उपखंड क्षेत्र के गुमाने का तला गांव में 50 परिवारों को भी प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया है। इसी तरह सेड़वा उपखंड क्षेत्र के 92 परिवारों को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। एसडीआरएफ सहित अन्य टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जा रही है।
चौहटन की पहाड़ियों से झरने बहने शुरू
बाड़मेर में गुरुवार रात से ही बारिश शुरू हो गई थी। जिससे आज जल जमाव शुरू हो गया। अब चौहटन की पहाड़ियों से झरने भी बहने शुरू हो गए हैं। जिसके चौहटन उपखंड क्षेत्र की निचली बस्तियों में जलभराव होने की संभावना बढ़ गई है।