आसाराम द्वारा नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में सेशन न्यायालय (जोधपुर जिला) ने बुधवार को अभियोजन पक्ष की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें आसाराम की सुनवाई अदालत में हाजिरी के बजाय जेल से ही करने की अनुमति मांगी गई थी।
आसाराम को न्यायिक अभिरक्षा अवधि समाप्त होने के बाद बृहस्पतिवार को फिर अदालत परिसर में आना ही होगा।
आसाराम समर्थकों द्वारा कुछ दिन पहले कोर्ट परिसर में मचाए गए हंगामे के बाद अभियोजन पक्ष ने अदालत में अर्जी देकर आसाराम की सुनवाई जेल से ही करने की प्रार्थना की थी।
इधर, राजस्थान हाईकोर्ट से आसाराम के सहयोगी गुरूकुल छात्रावास के निदेशक शरदचन्द्र व रसोइया प्रकाश को भी जमानत मिलने के बाद अब इस मामले में जेल के अंदर आसाराम ही बचे हैं।
इससे पूर्व इस मामले में अदालत ने सेवादार शिवा व गुरूकुल हॉस्टल की वार्डन शिल्पी की जमानत याचिका मंजूर की थी।