एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा पकड़े गये अजमेर जिला पुलिस के भ्रष्ट अधिकारियों के संबंध में खुलासा हुआ है कि वे महीनों तक बैंक से वेतन नहीं निकालते थे। जयपुर एसीबी टीम के वीरवार को स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से इन अधिकारियों के वेतन खातों की जांच में इसका पता चला।
पिछले महीने एसीबी ने निलंबित एसपी राजेश मीणा और अन्य पुलिस अधिकारियों को मासिक वसूली के आरोप में हिरासत में लिया था। एसीबी ने जेल में बंद मीणा, फरार एएसपी लोकेश सोनवाल सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के खातों के बारे में एसपी कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर जांच पड़ताल की।
सीआई राजेश यादव की अगुवाई में आई एसीबी टीम ने जिला कलेक्ट्रेट के सामने स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में आरोपी अधिकारियों के खातों की जानकारी जुटाई। इस जांच में पता चला कि इनमें से कई अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने लंबे समय से अपने खातों से वेतन ही नहीं निकाला था।
इस बात से एसीबी अधिकारी हैरान हैं कि इनका घर खर्च कैसे चलता था। इस छानबीन में कुछ खाते ऐसे भी मिले हैं जिनमें वेतन के अलावा भी राशि जमा करवाये गये हैं। मासिक वसूली के इस प्रकरण में एसीबी अभी जिलेभर के 33 पुलिस थानों में से 11 थानों प्रभारियों को नामजद कर चुकी है और आगे मामले की जांच की जा रही है।