सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से राजू ठेहट की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के रोहित गोदारा ने ली है। पोस्ट में लिखा है कि राजू ठेहट आनंदपाल और बलवीर बानूडा की हत्या में शामिल था। जिसका बदला उसे मारकर लिया गया है। पोस्ट में उसने अपने बाकी दुश्मनों को भी चेतावनी दी है। रोहित गोदारा की इस पोस्ट की जांच कर रही है।
ठेहट गांव के रहने वाले राजू ठेहट और गैंगस्टर आनंदपाल सिंह गैंग के बीच दुश्मनी थी। आनंदपाल तो एनकाउंटर में मारा गया लेकिन आनंदपाल सिंह और राजू ठेहट की मौत शनिवार को ही हुई। 24 जून 2017 को आनंदपाल मारा गया, उस दिन भी शनिवार था। 3 दिसंबर 2022 शनिवार को ही बदमाशों ने राजू ठेहट को गोलियों से भून दिया। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जान बूझकर आनंदपाल की मौत के दिन को ही राजू ठेहट की हत्या का दिन चुना गया हो।
राजू ठेहट पर जेल में भी हुआ था हमला
बलबीर बानूडा के खास दोस्त सुभाष बराल ने 26 जनवरी 2013 को सीकर जेल मे बंद राजू ठेहट पर हमला कर दिया लेकिन इस हमले में राजू ठेहट बच गया था। उसके बाद शनिवार सुबह गैंगस्टर राजू ठेहट को बदमाशों ने उसी के घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस सूत्रों का मानना है कि रोहित गोदारा ने राजू ठेहत की हत्या की प्लानिंग कनाडा में बैठकर की है। राजू को मारने आए शूटर्स ने एक व्यक्ति ताराचंद को भी गोली मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।