अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो)
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देशभर में सत्ता वापसी के लिए कांग्रेस लगातार प्रयास कर रही है। हाल ही में उदयपुर में हुए चिंतन शिविर में लिए गए निर्णयों पर काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को कांग्रेस ने पॉलिटिकल अफेयर ग्रुप, टास्क फोर्स-2024 और सेंट्रल प्लानिंग ग्रुप का गठन किया है। पॉलिटिकल अफेयर ग्रुप में राहुल गांधी और टास्क फोर्स-2024 में प्रियंका गांधी को शामिल किया गया है।
इसके अलावा सेंट्रल प्लानिंग ग्रुप फॉर कॉर्डिनेशन फॉर भारत जोड़ो यात्रा कमेटी में सचिन पायलट को शामिल किया गया है। यह कमेटी भारत जोड़ो यात्रा की योजना के लिए बनाई गई है। पायलट के कमेटी में शामिल होने के बाद उनसे जुड़े नेताओं ने कहा कि चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस आलाकमान ने पायलट पर फिर भरोसा जताया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि, विधानसभा चुनाव से पहले पायलट को प्रेदश में बढ़ी जिम्मेदारी मिलेगी। पायलट के अलावा प्रदेश से पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह को भी पॉलिटिकल अफेयर ग्रुप में जगह दी गई है।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकलेगी यात्रा
सेंट्रल प्लानिंग ग्रुप के सदस्य भारत जोड़ो यात्रा की प्लानिंग और कॉर्डिनेशन का काम देखेंगे। यह यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकाली जाएगी। यह यात्रा 2024 के लोकसभा चुनाव और उससे पहले दस राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर अहम मानी जा रही है। इस कमेटी सचिन पायलट के अलावा दिग्विजय सिंह, शशि थरूर, रंवीत सिंह बिट्टू, केजे जॉर्ज, जोथी मानी, प्रद्युत बोलदोलोई, जीतू पटवारी और सलीम अहमद को शामिल किया गया है।
कमेटियों में गहलोत गुट का एक भी नेता नहीं
कांग्रेस आलाकमान द्वारा बनाई गईं तीन महत्वपूर्ण कमेटियों में सीएम अशोक गहलोत गुट का एक भी नेता शामिल नहीं हैं। इस कारण सियासी गलियारों में गहलोत गुट के नेताओं की अनदेखी की चर्चा भी हो रही है। पायलट गुट के नेता आलाकमान के इस फैसले से काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले सचिन पायलट को प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी।