फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: सांसद की कार के बोनट पर चढ़कर हंगामा, चार प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

Tue, 24 May 2022 05:58 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, करौली

सार

ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता सांसद मनोज राजोरिया की गाड़ी के बोनट पर चढ़ गए थे।
विज्ञापन
सांसद की कार पर चढ़कर प्रदर्शन - फोटो : Amar Ujala Digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करौली में भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को करौली-धौलपुर सांसद की गाड़ी रोक ली और उनका घेराव कर दिया था। इस दौरान कुछ युवकों ने गाड़ी के बोनट पर चढ़कर प्रदर्शन भी किया। इस मामले में पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम मीणा सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन

जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करौली-धौलपुर सांसद डॉ. मनोज राजोरिया करौली-हिंडौन रोड से जयपुर जा रहे थे। इस दौरान कटकड़ मोड़ पर भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सांसद की गाड़ी के आगे आ गए। उन्होंने ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसी दौरान कुछ युवा सांसद की गाड़ी के बोनट पर चढ़ गए। वहीं सांसद मनोज रजोरिया ने इस योजना को सरकार से क्रियान्वित कराने का आश्वासन देकर मामला शांत किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम मीणा, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजेंद्र मीणा और किसान संघ के युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।


विक्रम सिंह मीणा ने बताया कि 13 जिलों के 3 करोड़ लोगों का यह जन आंदोलन है। हम 13 जिलों के हर सांसद और विधायक का जमकर विरोध करेंगे और उन्हें इस योजना में शामिल करेंगे। जिससे जल्द से जल्द इस योजना को क्रियान्वित कर लोगों को पानी की समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके।

विज्ञापन

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 2016 में राजस्थान के उत्तरी-पूर्वी 13 जिलों करौली, सवाईमाधोपुर, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, झालावाड़, कोटा, बारां, बूंदी, अलवर, जयपुर, टोंक और अजमेर की पानी, सिंचाई और औद्योगिक संस्थाओं को आपूर्ति के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का प्रस्ताव तैयार कराया था। अनुमानित लागत 37 हजार 247.12 करोड़ रुपए के इस प्रस्ताव को 19 नवंबर 2017 को केंद्रीय जल आयोग को भेजा था। उस वक्त केन्द्र सरकार ने आश्वस्त किया था कि यह प्रस्ताव केन्द्रीय योजना का हिस्सा बनेगा लेकिन इसके राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं होने से परियोजना का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इस बीच लगातार इस परियोजना की लागत बढ़ती जा रही है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें