कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा।
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कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने प्रदेश के डीजपी पर निशाना साधा है। मदेरणा ने कहा कि विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने सहायक इंजीनियर से मारपीट के मामले में नैतिकता दिखाकर सरेंडर कर दिया। लेकिन, डीजपी पर लगे आरोप की जांच कौन करेगा?
दरअसल, विधायक मलिंगा पर धौलपुर में सहायक इंजीनियर से मारपीट करने के आरोप लगे है। बुधवार को सीएम अशोक गहलोत से मिलने के बाद उन्होंने जयपुर में सरेंडर कर दिया था। इससे पहले मलिंगा ने एक मीडिया वार्ता करके डीजीपी पर व्यक्तिगत दुश्मनी रखने के आरोप लगाए थे। अब दिव्या मदेरणा ने उन आरापों का मुद्दा एक बार फिर उठाया है।
उन्होंने ट्वीट कर लिखा, विधायक मलिंगा ने कहा था डीजीपी व्यक्तिगत दुश्मनी रखते हैं मुझसे, डीजीपी बोले-गिरफ्तारी के डर से आरोप लगा रहे। बाड़ी विधायक गिरिराज सिंह मलिंगा ने दिखाई नैतिकता, सरेंडर किया। गिरफ्तारी से डरे नहीं, लेकिन अब डीजीपी पर लगाए आरोपों की जांच भी बनती है। उनकी जांच कौन करेगा?
क्या है मामला?
बता दें कि धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के विद्युत निगम कार्यालय में 28 मार्च को सहायक अभियंता हर्षदापति और कनिष्ठ अभियंता नितिन गुलाटी के साथ बेरहमी से मारपीट हुई थी। जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मारपीट के मामले में घायल सहायक अभियंता ने पुलिस को बयान दिए थे। उसकी आधार पर बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और नगर पालिका के वार्ड नंबर 2 के पार्षद प्रतिनिधि समीर खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया था।
दिव्या में रोहित जोशी पर लगे दुष्कर्म के मामले में भी उठाए थे सवाल
मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित पर लगे दुष्कर्म के आरोप में भी विधायक दिव्या मदेरणा ने राजस्थान पुलिस पर हमला बोला था। उन्होंने ट्वीट लिखा था, दिल्ली के सदर बाजार थाने में दर्ज जीरो एफआईआर की जांच की जा रही है, पर डीजीपी पुलिस प्रशासन भी मेरे सवाल का जवाब दें। उन्होंने पूछा कि एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई? इस मामले में डीजीपी को तुरंत विभागीय जांच के निर्देश देना चाहिए।