राजस्थान में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट गहरा गया है। बिजली आपूर्ति को लेकर भाजपा प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। इसी बी मुख्यमंत्री गहलोत ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के 16 राज्यों में बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है, लेकिन इसके अनुरूप कोयले की आपूर्ति नहीं हो रही है। जिससे आवश्यकतानुसार बिजली आपूर्ति संभव नहीं है।
गहलोत ने कहा कि यह एक राष्ट्रीय संकट है। मैं सभी से अपील करता हूं कि इस संकट में एकजुट होकर परिस्थितियों को बेहतर करने में सरकार का साथ दें। अपने निवास या कार्यक्षेत्र के गैर-जरूरी बिजली उपकरणों को बंद रखें। अपनी प्राथमिकताएं तय कर बिजली का उपयोग जरूरत के अनुसार ही करें।
लाइट कटौती को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बिजली घरों के बाहर प्रदर्शन करने पर भी सीएम ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस संकट में चुनौतीपूर्ण कार्य कर रहे बिजली कर्मचारियों को परेशान कर रही है। साथ ही उन पर दबाव बनाया जा रहा है। मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि राज्यों को कोयला उपलब्ध करवाने का काम केंद्र सरकार का है।
क्या प्रदेश भाजपा का दिशाहीन नेतृत्व केंद्र सरकार से इस बारे में सवाल पूछेगा कि वो मांग के अनुसार कोयला उपलब्ध करवाने में सक्षम क्यों नहीं है, जिसके कारण 16 राज्यों में बिजली कटौती की नौबत आई है?
सरकार ने जारी किए हैं बिजली कटौती के आदेश
प्रदेश में गहराते बिजली संकट को देखते हुए। सरकार ने बिजली कटौती के आदेश जारी कर दिए है। आदेश के अनुसार संभागीय मुख्यालयों पर एक घंटा, जिला मुख्यालयों पर दो घंटे, नगरपालिका क्षेत्रों और 5 हजार से अधिक आबादी वाले कस्बों में 3 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग समय भी निर्धारित किया गया है।