जोधपुर शहर में इलेक्ट्रिक लाइन का ट्रायल सफल रहा। इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन होने के बाद जोधपुर और मारवाड़ की कनेक्टिविटी और भी अच्छी हो जाएगी। रेलों के विकास में मेरी रुचि सर्वविदित रही है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि आज के दिन जब रेलवे में इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य आगे बढ़ रहा है तो मुझे बिड़ला ऑडिटोरियम में मेरे द्वारा 90 के दशक में राज्य में रेलों के विकास पर आयोजित अधिवेशन का भी स्मरण हो गया। जिसमें कई वक्ताओं ने इस पर अपने सुझाव दिए थे। मैं जब 1980 में जोधपुर से सांसद बना, तब जोधपुर में सिर्फ मीटरगेज रेलवे लाइन थी। जयपुर, दिल्ली और अहमदाबाद जाने के लिए सिर्फ एक-एक पैसेंजर रेलगाड़ी थी। दिल्ली और अहमदाबाद से आगे जाने के लिए कनेक्टिंग ट्रेन लेनी पड़ती थी।
सी के जाफर शरीफ के रेलमंत्री बनने के बाद रेलवे में यूनिगेज पॉलिसी लागू हुई। जिसके बाद सब रेलवे लाइनों को ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक बनाने का काम शुरू हुआ। यूनिगेज पॉलिसी का सबसे अधिक लाभ राजस्थान और कर्नाटक को हुआ। राजस्थान में ब्रॉडगेज ट्रैक का जाल बिछने के बाद मारवाड़ की कनेक्टिविटी पूरे देश से हो गई। आज जोधपुर से देशभर में जाने के लिए सुपरफास्ट रेलगाड़ियां चल रही हैं।