राजस्थान की 16वीं विधानसभा के मौजूदा सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब दिया। प्रतिपक्ष की तरफ से बार-बार पर्ची सरकार के आरोप लगाए जाने को लेकर सीएम भजनलाल ने कहा कि पिछली सरकार में आम आदमी का काम बिना खर्ची, बिना सेवा के नहीं होता था। प्रीपेड सेवा चल रही थी, पिछली सरकार खर्ची की सरकार थी ये सरकार न पर्ची की है, न खर्ची की है, ये सरकार धरती की है।
RPSC के बहाने डोटासरा पर निशाना
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी भजनलाल शर्मा के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि RPSC को तार-तार करने का काम पिछली सरकार में हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे पांच साल में पिछली सरकार में युवाओं के साथ धोखा हुआ। आखिर कौनसी चक्की का आटा खाते थे कि एक ही परिवार के 3-3 लोग आरएएस बन जाते हैं? हमने सरकार बनते ही इस पर बड़ा कदम उठाया है। पेपर लीक मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। कांस्टेबल समेत कई भर्ती परीक्षाओं की जांच एसआईटी से करवाई जा रही है। मेरे पास सीबीआई से जांच कराने की बात भी आई है। जरूरत हुई तो हम पेपर लीक की जांच सीबीआई से कराएंगे। हम युवाओं को दर्द देने वालों को नहीं बख्शेंगे।
पिछली सरकार में तो बिजली खरीद में घोटाला हुआ
सीएम ने कहा कि प्रदेश में केंद्र सरकार से आए पैसे का उपयोग नहीं हुआ। उसकी जांच हो रही है, ईडी घूम रही है। प्रदेश कि चौपट अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि 350 बिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध है। बिजली संकट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली संकट पिछली सरकार में भी था। छत्तीसगढ़ में भी उस समय कांग्रेस कि सरकार थी। सीएम शर्मा ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है। वहां मैंने विष्णु भाई से फोन पर बात की और काम हो गया।
83 सैकंड में सदियों का इतिहास बदल गया
भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांधीजी का सपना राम राज्य था, जो आजादी की लड़ाई का मूल मंत्र था राजस्थान की जनता ने हमें इस पवित्र सदन में भेजा है। संविधान की मूल भावना में भी राम परिवार का सुंदर चित्रण है। मैं पीएम मोदी का भी आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने 500 सालों की प्रतीक्षा को पूरा किया है। अयोध्या में 22 जनवरी को ऐसा ही क्षण आया जिससे पूरा विश्व राममय हो गया। सदियों के संघर्ष, बलिदान के बाद ये सपना साकार हुआ। नव्य, भव्य दिव्य मंदिर में कमलासन पर विराजे श्याम सलोने रामलला के दिव्य दर्शन से जनगण धन्य हुए। इसलिए मैं विपक्ष से निवेदन करना चाहता हूं कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को सियासी चश्मे से नहीं देखें। आने वाले समय के चुनावों में जनता इन्हें पूरी तरह से नकार देगी। क्योंकि राम मंदिर आस्था का ही नहीं बल्कि आर्थिक प्रगति का प्रतीक है।