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ERCP: CM गहलोत ने कहा- जल शक्ति मंत्री शेखावत निकम्मापन दिखा रहे, हाकिम वही है तो हुक्म नहीं बदलना चाहिए

Sun, 25 Dec 2022 10:48 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर

सार

सीएम अशोक गहलोत रविवार को महाराजा सूरजमल के स्मृति समारोह में शामिल होने भरतपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार और जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर जमकर निशाना साधा।
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सीएम अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भरतपुर जिले में महाराजा सूरजमल की स्मृति समारोह में पुष्पांजलि अर्पित करने भरतपुर पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर जमकर हमला बोला। गहलोत ने कहा, पता नहीं कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वचन से बदल रहे हैं। हम फिर भी पूरा प्रयास करके उन्हें ईआरसीपी के लिए कन्वेंस कर लेंगे। लेकिन जल शक्ति मंत्री क्यों निकम्मापन दिखा रहे हैं। वो प्रधानमंत्री से जाकर बात करते तो वो मना नहीं करते और ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना में शामिल कर लेते।

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ईआरसीपी को लेकर सीएम गहलोत ने कहा, पूर्वी राजस्थान के मीठे पानी की समस्या का स्थाई समाधान ईआरसीपी ही है। उन्होंने पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा, हाकिम बदल जाता है, लेकिन हुक्म नहीं बदलता। लेकिन यहां तो हाकिम वही पुराने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, फिर पता नहीं कैसे वो अपने वचन से बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अजमेर में ईआरसीपी योजना को लेकर सकारात्मक सोचने का वादा किया था। पूर्वी राजस्थान में मीठे पानी का संकट है। 13 जिलों में मीठे पानी की समस्या का ईआरसीपी ही स्थाई समाधान है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी मेरी पहली प्राथमिकता है। मैं कैसे ही करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कन्वेंस कर लूंगा।

'राजस्थान ने 25 सांसद दिए...'
सीएम गहलोत ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्री अपने प्रदेश के हैं। राजस्थान ने 25 सांसद दिए। लेकिन फिर भी सभी लोग मिलकर ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना में शामिल नहीं करवा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल शक्ति मंत्री, प्रधानमंत्री से बात करते तो क्या वो उनको मना कर सकते हैं। लेकिन जल शक्ति मंत्री निकम्मापन क्यों दिखा रहे हैं, मैं यह पूछना चाहता हूं।
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भय होगा, तब काम होगा...
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 13 जिलों में पूरे प्रदेश की 40 फीसदी आबादी निवास करती है। यदि ये सभी एकजुट हो जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह मैसेज जाएगा, कि ये आगामी चुनावों में हमारा सफाया कर देंगे। तभी ईआरसीपी को ये राष्ट्रीय परियोजना घोषित करेंगे।

हमने संभाग का ध्यान रखा...
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि चुनावों में पूर्वी राजस्थान ने हमारा पूरा साथ दिया और आप ही के दम पर हमने सरकार बनाई। लेकिन हमने भी भरतपुर संभाग का पूरा ध्यान रखा। आजादी के बाद पहला मौका ऐसा है जब भरतपुर के करीब करीब सभी विधायकों को मंत्री बना दिया। आजादी के बाद पहली बार पूर्वी राजस्थान को इतने इंपोर्टेंट विभाग मिले होंगे। एक तरह से हमने सभी को एडजेस्ट किया है।

गहलोत ने घना पर जताई चिंता...
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि घना की वजह से ही भरतपुर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। पहले यहां के लिए भरपूर पानी आता था और बहुत पक्षी आते थे। लेकिन अब यहां पर पानी की समस्या खड़ी हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करौली के सभी समाज के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि पांचना बांध का पानी छोड़ने दो जिससे सभी समाज के लोगों के साथ ही घना का भी भला हो जाए। उन्होंने याद करते हुए कहा कि वो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ एक बार घना आए थे और घना में ही रात्रिविश्राम किया था।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी कारवां लेकर भारत को जोड़ने के लिए निकल पड़े हैं। वो एक तरह से कॉमरेड हैं, गरीबों के हितैषी हैं। गहलोत ने कहा कि मेरे दिल में भी ये भाव है कि मेरा जीवन भी गरीबों की सेवा में कटे। इसीलिए में सभी योजनाएं गरीबों को ध्यान में रखकर बनाता हूं, चाहे मेडिकल की हो, शिक्षा की या फिर पेंशन की हो। गहलोत ने कहा कि मैं पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह को भी कॉमरेड महाराज बोलता हूं। ये सादा कुर्ता पायजामा पहनते हैं। मैंने इन्हें कभी सूट पहनती नहीं देखा।

'गरीबों के लिए कुछ विशेष पैकेज तैयार करेंगे'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी फ्लैगशिप योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सभी योजनाएं ऐसी योजनाएं हैं जिनसे एक गरीब पर महंगाई की मार का प्रभाव कम होता है। आगामी दिनों में भी हमारा यह प्रयास रहेगा कि गरीबों के लिए कुछ विशेष पैकेज तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि बीते 50 साल में पूरे प्रदेश में 250 कॉलेज खोले गए, लेकिन हमारे पिछले चार साल के कार्यकाल में पूरे प्रदेश में 211 नए कॉलेज खोल दिए गए हैं। भरोसा दिलाया कि आगामी दिनों में भरतपुर संभाग का और अच्छा विकास होगा।

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