फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: मंत्री बोले- मैं गुलाम हूं, पर किसी को गाली नहीं दी, जानें गहलोत गुट के जोशी-खाचरियावास का विवाद

सार

राजस्थान में अशोक गहलोत गुट के दो मंत्री एक दूसरे पर जमकर हमला बोले रहे हैं। मंत्री जोशी ने खाचरियावास के बयान पर बड़ा पलटवार किया और खुद को कांग्रेस का गुलाम बता दिया। सीएम ने भी खाचरियावास के बयान पर नाराजगी जताई है।   
विज्ञापन
मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और मंत्री महेश जोशी। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है। सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट की अदावत अभी खत्म नहीं हुई थी। इससे पहले गहलोत के दो मंत्री की टकरार सामने आ गई है। राजस्थान सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और मंत्री महेश जोशी एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी कर रहे है। बीते दो दिन से दोनों नेता आमने-सामने हैं। शुक्रवार को मंत्री जोशी ने खाचरियावास के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी किसी को गाली नहीं दी और न ही किसी को कभी गुलाम कहा, फिर भी मैं कहता हूं कि हां मैं कांग्रेस पार्टी का गुलाम हूं।

विज्ञापन


अब जानते हैं कि कैसे शुरू हुआ यह विवाद
दरअसल, बीते दिनों खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने एक बयान में कहा था कि प्रदेश में अफरशाही हाबी हो रही है। अफसरों को बेकाबू होने से रोकने के लिए उनकी एसीआर भरने का अधिकार सीएम की जगह विभाग के मंत्रियों के पास होना चाहिए। खाचरियावास के इन बयान का समर्थन सीएम के सलाहकार सयमं लोढ़ा ने भी किया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि नागरिकों के प्रति प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिये यह उचित होगा कि विभाग में कार्यरत आईएएस अधिकारियों की एसीआर विभाग के मंत्री द्वारा लिखी जाए।

खाचरियावास की मांग पर जोशी ने किया पलटवार
मंत्री खाचरियावास के एसीआर भरने का अधिकार देने के बयान पर मंत्री महेश जोशी ने पटलवार किया। उन्होंने कहा कि मुझे मेरे विभाग के सारे अधिकार मिले हुए हैं। मेरे सारे काम हो रहे हैं, विभाग में कोई भी काम मेरे से बिना पूछा नहीं होता है। अगर, कोई अधिकारी मनमानी करेगा तो उस पर कार्रवाई होगी। मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने जो मुद्दा उठाया है, उसका वह जाने, मुझे ऐसी कोई शिकायत नहीं है। जोशी के इस बयान पर खाचरियावास ने बड़ा पलटवार किया। उन्होंने कि जोशी पावरफुल मंत्री होंगे। वह बताएं कि वे आईएएस की एसीआर लिख रहे हैं क्या? अगर ऐसा हैं तो मुख्यमंत्री सचिवालय उनके साथ खड़ा हुआ है।

खाचरियावास ने कहा- मंत्री जोशी कह रहे थे कि हमारे सभी काम हो रहे, काम तो हमारे भी हो रहे हैं। वह क्या मुझ से ज्यादा पावरफुल हैं? मैंने आईएएस की एसीआर भरने का अधिकार मंत्रियों को देने की मांग की है, अगर कोई इसका खंडन करेगा तो सुनेगा। जोशी एसीआर नहीं लिख रहे हैं, वह झूठ बोल रहे हैं। बिना कारण गुलामी नहीं करनी चाहिए, अगर गुलामी करने का ठेका लिया है तो करिए। मैं अधिकार के लिए लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा। जो नेता अपने अधिकार के लिए नहीं लड़ सकता, वह जनता के लिए क्या लड़ेंगे? मैंने सिर्फ व्यवस्था का विरोध किया है, मैं सीएम के साथ खड़ा हूं और आगे भी खड़ा हूं। जब सरकार पर संकट आया था उसे दिन सामने आकर लड़ा था और लड़ता रहूंगा। 

जोशी ने खाचरियावास पर फिर बोला हमला 
इस पूरे मामले पर शुक्रवार को जलदाय मंत्री महेश जोशी ने प्रेसवार्ता कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- मैंने कभी कुछ गलत नहीं कहा। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है और कोई भी किसी भी बात से सहमत और असहमत हो सकता है, लेकिन किसी को गुलाम बताना उचित नहीं है। मैं कहता हूं- हां मैं गुलाम हूं, मैं कांग्रेस पार्टी का गुलाम हूं, शालीन व्यवहार का गुलाम हूं। जोशी ने कहा कि मैंने कभी किसी को गाली नहीं दी। कभी किसी को गुलाम और गद्दार नहीं बताया, अगर किसी को दूसरे की बात से असहमति है तो सम्मान के साथ अपनी बात कहनी चाहिए।
विज्ञापन

मंत्री खाचरियावास ने मांगी माफी
मामला बढ़ता देख मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने अपने बयान पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूं। मंत्री जोशी जी के घर जाकर उनसे माफी मागूंगा। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी प्रताप सिंह खाचरियावास के बयान पर नाराजगी जताई थी। जिसके बाद उन्हें पीदे हटना पड़ा। 

विवाद पर भाजपा ने बोला हमला 
इधर, भाजपा की पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कि मंत्रियों के विवाद से लगता है कि उनकी अपने विभागों पर पकड़ नहीं है। इस कारण से मंत्री अधिकारियों द्वारा नियम विरुद्ध किए गए कामों पर कार्रवाई करने की बजाय उनके खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री को अपने साथी मंत्री के साथ इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।   
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें