उन्होंने लिखा, जिस तरह से सीएम को वीआईपी होने पर पूरी सुरक्षा प्राप्त होती है। उसी तरह से टाइगर भी जंगल का वीआईपी है और उसकी सुरक्षा से जंगल की सुरक्षा होती है। ऐसे में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को बचाने के लिए यहां पर टाइगर छोड़ना काफी जरूरी है।
सांगोद के विधायक भरत सिंह ने खान की झोपड़िया को बारां जिले से कोटा में शामिल करवाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों को भी एकत्रित किया था। ये सभी लोग सीएम के बारां से कोटा दौरे को देखते हुए नेशनल हाइवे-27 पर गड़ेपान के नजदीक एकत्रित हुए थे। जहां पर वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर खान की झोपड़िया गांव को कोटा जिले में शामिल करवाने और सोरसन में खनन बंद करवाकर वहां पर गौड़ावन संरक्षण क्षेत्र घोषित करवाने की मांग करते। हालांकि, सीएम के कोटा नहीं आने के बाद यह कार्यक्रम रद्द किया गया। इसके लिए भरत सिंह ने आमजनता के लिए पत्र जारी किया।