फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम गहलोत बोले, उप-मुख्यमंत्री खुद ही डील कर रहे हैं, हमारे पास पक्के सबूत 

Wed, 15 Jul 2020 04:08 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
विज्ञापन
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : ANI
विज्ञापन

राजस्थान में कांग्रेस और सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान के बीच सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुलकर पायलट पर हमला बोला है। बुधवार को मुख्यमंत्री गहलोत ने मीडिया से मुखातिब होते हुए सचिन पायलट पर हमला बोला और भाजपा पर विधायकों के खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि हमारे यहां उप-मुख्यमंत्री खुद ही डील कर रहे हैं। 

विज्ञापन


सीएम ने कहा कि जयपुर में विधायकों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी, हमारे पास इसके सबूत हैं। हमें विधायकों को एक होटल में 10 दिनों के लिए रखना पड़ा, अगर हमने ऐसा नहीं किया होता तो मानेसर में जो हो रहा था वो यहां हो सकता था। 

गहलोत ने कहा कि जो लोग सरकार गिराने के लिए षड्यंत्र में शामिल हैं, वही लोग सफाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां उप-मुख्यमंत्री खुद ही डील कर रहे हैं। सरकार के खिलाफ षड्यंत्र में उप-मुख्यमंत्री खुले रूप से शामिल हैं।  
विज्ञापन




यह भी पढ़ें: पायलट के बाद अब कांग्रेस का रुख भी हुआ नरम, घरवापसी की उम्मीद में खुला रखा है दरवाजा

दिल्ली में बैठे कुछ लोग सरकार गिराने की कोशिश कर रहे
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार को गिराने की साजिश हो रही है। दिल्ली में बैठे कुछ लोग सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं। जैसा, उन्होंने कर्नाटक और मध्यप्रदेश में किया, वैसा ही वे राजस्थान में करना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में लोकतंत्र को खत्म करने वाले लोग बैठे हैं। उन्होंने जैसा अन्य राज्यों में किया है, वैसा ही राजस्थान में भी दोहराना चाहते हैं।  

जो हमारे साथ नहीं, वो पैसे ले चुका
सीएम ने कहा कि हमारे विधायकों को पैसे का लालच दिया गया ताकि वे उनकी पार्टी में शामिल हो जाएं और हमारी सरकार गिर जाए। उनके पास धन-बल की कमी नहीं है। उन्होंने यह साफ शब्दों में कह दिया कि जो हमारे साथ नहीं है वो पैसे ले चुका है।  
विज्ञापन


गहलोत ने कहा कि हमारे कुछ साथी भाजपा के जाल में फंस गए। उन्हें पैसे का लालच दिया गया। उन्होंने कहा कि राजनीति में खरीद फरोख्त ठीक नहीं है। ये लोकतंत्र के लिए खतरा है।  

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें