राजस्थान में भले ही सीएम गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम पायलट में कोल्ड वॉर चल रहा हो, जमकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप और खींचतान चल रही हो, लेकिन कांग्रेस हाईकमान को दोनों की बराबर जरूरत है। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की ओर से जारी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में दोनों के नाम शामिल किए गए हैं। गहलोत को लिस्ट में 8वां और सचिन पायलट को 19वां स्थान दिया गया है।
गहलोत का तजुर्बा और पायलट की यूथ अपील आएंगे काम
कांग्रेस पार्टी त्रिपुरा में सीएम गहलोत के तजुर्बे का पूरा इस्तेमाल करना चाहती है। गहलोत गठबंधन की राजनीति को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। चुनाव में बारीकी से मैनेजमेंट करने के वह माहिर हैं। भावनात्मक और महीन राजनीति के गहलोत खिलाड़ी हैं। उन्हें राजनीति का जादूगर भी कहा जाता है।
हाल ही में गणतंत्र दिवस पर गहलोत ने कहा कि मैं 24X7 राजनीति करता हूं। गांधीवादी तरीके से सेवा की भावना से राजनीति करता हूं। राजनीति करो तो पागलपन की हद तक करनी चाहिए, तभी सक्सेस हो। दूसरी ओर सचिन पायलट ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश के चुनाव में प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस को जीत दिलाने में भूमिका निभाई है। पायलट की यूथ में बड़ी अपील है। वह एनर्जेटिक हैं, इंग्लिश में भी अच्छे भाषण देते हैं। जिसका फायदा पार्टी उठाना चाहती है।
त्रिपुरा में 16 फरवरी को विधानसभा चुनाव का मतदान
त्रिपुरा विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान होगा। नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 जनवरी है। चुनाव के नतीजे 2 मार्च को आएंगे। त्रिपुरा विधानसभा में कुल 60 सीटें है। अभी वहां बीजेपी की सरकार है। साल 2018 में त्रिपुरा में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लेफ्ट के मजबूत किले को ढहा दिया था। 25 साल तक शासन करने वाली लेफ्ट सत्ता से बाहर हो गई थी। भाजपा ने यहां पहली बार कमल खिलाया था।
कांग्रेस-सीपीएम का है गठबंधन
त्रिपुरा में भाजपा को सत्ता में वापसी से रोकने के लिए सीपीएम और कांग्रेस ने इस बार हाथ मिला लिया है। बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए दोनों पार्टियों ने विधानसभा चुनाव के दौरान गठबंधन किया है। लेकिन ममता बनर्जी की टीएमसी ने यहां चुनाव में अकेले ही उतरने का फैसला लिया है। त्रिपुरा में बंगाली, अंग्रेजी और कोकबोरोक (त्रिपुरी) भाषा बोली जाती है।
त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट
पहले नम्बर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम है। फिर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, मुकुल वासनिक, गैखांगम गनमेई, डॉ अजॉय कुमार के नाम है। उसके बाद 8वें नम्बर पर सीएम अशोक गहलोत को लिस्ट में शामिल किया गया है। गहलोत के बाद छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का 9वें नंबर पर नाम है। फिर सुखविंदर सिंह सुक्खू, बिराजीत सिन्हा, सुदीप रॉय बर्मन, गौरव गोगोई, अब्दुल खालिक़, अखिलेश प्रताप सिंह, इमरान प्रतापगढ़ी, समीर रंजन बर्मन, गोपाल रॉय के नाम हैं। इसके बाद 19 वें नम्बर पर सचिन पायलट लिस्ट में शामिल हैं।
पायलट के बाद भूपेन बोराह, के मेघाचंद्रा सिंह, मोहम्मद अजहरूद्दीन, अरविंदर सिंह लवली, जिग्नेश मेवाणी, रकीबुल हुसैन, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेट, राजेश लिलोठिया, शिवाजी राव मोघे, पबन सिंह घाटोवर, रानी नाराह, दीपा दासमुंशी, विजेंद्र सिंह, बीवी श्रीनिवास, नेत्ता डिसूजा, नगमा मोरारजी, ज़रिता लेतफ्लांग, अलका लाम्बा, कन्हैया कुमार, बंधु तिरके के नाम स्टार प्रचारकों में हैं।