विधायक राम नारायण मीणा के सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि छात्रवृत्ति में आय सीमा का प्रावधान खत्म नहीं किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने अपने क्षेत्र से जुड़ा सवाल पूछा, लेकिन पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा के जवाब से विधायक लोढ़ा संतुष्ट नहीं हुए। अध्यक्ष ने लोढ़ा को समझा बुझाकर शांत कराया।
विधानसभा में दो दिन से विवाद के हालात देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक संयम लोढ़ा को मार्शल बुलाकर सदन से बाहर निकालवा दिया था। किसी सीएम के सलाहकार को सदन से बाहर निकालने का यह अपने आप में पहला मामला था।
दरअसल, मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने सिरोही जिले के बरलूट थाने के अंतर्गत लखमाराम नाम के व्यक्ति को हत्या के झूठे केस में फंसाने का मामला उठाया। उन्होंने इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रस्ताव रखा। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, 'अभियुक्त के आरोप पत्र को अदालत में दायर किया गया था। लिखमाराम की गिरफ्तारी के मामले में जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस जवाब से विधायक लोढ़ा संतुष्ट नहीं हुए और वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी थी। इसके बाद विस अध्यक्ष ने उन्हें बाहर निकालने का आदेश दे दिया।