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जिंदगी की जंग हार गया दो सिर वाला अनोखा बच्चा

Mon, 29 Jul 2013 06:41 PM IST
इंटरनेट डेस्क
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राजस्थान के टोंक में पैदा हुआ दो सिर वाला बच्चा जिंदगी की जंग हार गया है। जयपुर स्थित जेके लोन अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि इस बच्चे ने सोमवार को चार बजे के करीब दम तोड़ दिया।
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बच्चे को बचाने के लिए दो वेंटिलेटर लगाए गए थे, इसके बावजूद डॉक्टर उसकी जिंदगी बचाने में नाकामयाब रहे।

24 अगस्त को टोंक शहर के सआदत अस्पताल में चौबीस वर्षीय महिला ने दो सिर वाले बच्चे को जन्म दिया था। टोंक जिले की डॉ. गीता माहेश्वरी की देख-रेख में यह प्रसव हुआ था।

मुश्किल था सिरों को अलग करना
जयपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ और जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एस.डी. शर्मा ने बताया कि सर्जरी से बच्चे के सिरों को अलग करना संभव नहीं था।

बच्चे के हाथ व पैर सामान्य बच्चों की तरह ही दो-दो थे, लेकिन लेकिन स्पाइन और नाड़ी सहित पूरा नर्वस सिस्टम अलग-अलग था। नवजात की एक्स-रे जांच के मुताबिक उसकी रीढ़ की हड्डी भी अलग-अलग थी।
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चिकित्सकों ने बताया कि ऐसे बच्चे हमेशा एक जैसे होते हैं, क्योंकि वे एक ही अंडाणु से विकसित होते हैं। जब एक ही अंडाणु अलग हो जाता तो, ऐसी स्थिति में शरीर से जुड़े बच्चे पैदा होते हैं।

ऐसा ही केस जबलपुर में भी
इससे पूर्व देश में एकमात्र जबलपुर में ऐसा मामला पाया गया था, लेकिन कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई थी।

ऐसे बच्चे जो एक ही शरीर व ऑर्गन सिस्टम शेयर करते हैं। ये अंग्रेजी अक्षर वाई के आकार में आपस में जुड़े होते हैं।

आधे से ज्यादा तो प्रेगनेंसी का पूरा वक्त भी नहीं निकाल पाते और जन्म लेने वाले ऐसे बच्चों में या तो एक स्टिल बॉर्न, गर्भ में ही मृत होता है या इनकी मौत जन्म के कुछ ही वक्त में हो जाती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति 10 लाख प्रेगनेंसी में से एक में पाई जाती है। इस तरह का हरेक जन्म इतना दुर्लभ होता है कि सभी के अपने विशेष फीचर मौजूद होते हैं।
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