राजस्थान के श्रीगंगानगर में सहकारिता विभाग के मुख्य प्रबंधक को रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी ) ने गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रबंधक कर्मचारियों की नियुक्ति वेतन विसंगतियों के निस्तारण और विभाग के टेंडर दिलाने के लिए लाखों रुपए की घूस लेता था। एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।
एसीबी एएसपी रजनीश पूनिया ने बताया कि आरोपी विकास गर्ग (39) पुत्र गोविंद राम अग्रवाल को द गंगानगर सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड का मुख्य प्रबंधक है। आरोपी ने बैंक कर्मचारियों के विरुद्ध चल रही विभागीय और न्यायिक कार्यवाहियों में सहयोग कर लाभ पहुंचाने का काम किया था। इसके बदले उसने अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारिता के साथ मिलीभगत कर लाखों की रिश्वत ली थी।
एएसपी पूनिया ने बताया कि इस संबंध में एसीबी ने केस दर्ज किया था। इससे पहले अतिरिक्त रजिस्ट्रार मंगतराम खन्ना को भी गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि उसने विकास गर्ग के साथ मिलकर लाखों रुपए की घूस ली थी। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि विकास के जरिए ही मंगतराम तक रिश्वत की रकम पहुंचती थी।