अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझ कर वित्तीय जागरूकता लाना चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का दायित्व है। सीए की ऑडिट को हमेशा विश्वसनीय माना जाता है, क्योंकि यह काफी जांच परख कर बनाई जाती है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपना भरोसा बनाए रखते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएं। यह बातें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहीं।
मुख्यमंत्री गहलोत शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आईसीएआई की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के उप क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में बजट से पहले आयोजित की गई बैठक में राज्य स्तरीय कर परामर्शदात्री समिति से जुड़े प्रतिनिधियों ने कई अच्छे सुझाव दिए थे। हमारा प्रयास रहेगा कि इन सुझावों बजट में शामिल किया जाए, ताकि कारोबारियों को उसका लाभ मिल सके। सीआईआरसी के चेयरमैन नीलेश गुप्ता ने काउंसिल की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। वाइस चेयरमैन अतुल गुप्ता ने बताया कि काउंसिल ने एमएसएमई हैल्पलाइन शुरू की गई है। इसके जरिए बेरोजगार सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकता है।
जानें...सीएम ने और क्या कहा
मुख्यमंत्री ने कहा- देश में संविधान लागू होने से पहले सीए एक्ट लागू हो गया था। हमारे नेता इस एक्ट का महत्व जानते थे। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, टैक्स देने वालों का सही ऑडिट करने और ईमानदारी से कर चुकाने में सीए की बड़ी भूमिका है। उनकी जिम्मेदारी है कि वे सभी को टैक्स चुकाने के लिए सही राय दें। इससे देश और प्रदेश का बेहतर विकास हो सकेगा।
सीएम गहलोत बोले- देश के पूर्व राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम कहते थे कि 'सीए इज द पार्टनर ऑफ नेशन बिल्डिंग'। उनके इस वाक्य से पता चलता है कि देश निर्माण में सीए का स्थान कितना बड़ा है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट अपने क्लाइंट्स को अधिक से अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि सीए सरकार और बिजनेस हाउसेज के बीच एक मजबूत पुल का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने कई मशहूर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा- नए उद्योग लगाने, उद्योगों का विस्तार करने और उन्हें अधिकाधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। सरकार की नीतियों से निवेश के अनुकूल माहौल बना है। सरकार बनते ही हमने एमएसएमई एक्ट बनाया, जिसकी पूरे देश में चर्चा हो रही है। रिप्स-2019 के माध्यम से उद्यमों को सुविधा दी जा रही है। सरकार सोलर एनर्जी, पवन ऊर्जा एवं हाइब्रिड एनर्जी पॉलिसी लेकर आई है।