जैसलमेर एसपी का बेटा प्रवीण सिंह जयपुर ज़िले के चौमूं में लोहरवाड़ा का रहने वाला है। अजमेर पुलिस ने यह कार्रवाई आईजी रूपेन्द्र सिंह के निर्देश और प्रसंज्ञान लेने के बाद की है। क्रिश्चयनगंज थाना प्रभारी करण सिंह 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की रात करीब आठ बजे अपने एरिया में राउंड मार रहे थे। तभी उन्होंने पृथ्वीराज नगर में एक संदिग्ध कार को देखा। कार के पास गए, तो कार में एक युवक अपनी महिला मित्र के साथ मौजूद था। थाना प्रभारी ने युवक से पूछताछ की, तो उसने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया और दुर्व्यवहार करने लगा। खुद को एसपी का बेटा बताया। इसके बाद दोनों में विवाद बढ़ने पर कार सवार युवक ने आवेश में आकर सीआई करण सिंह से मारपीट कर दी। करण सिंह की सूचना पर क्रिश्चयनगंज थाने से अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। तभी आरोपी युवक कार लेकर भाग गया।
सीआई ने खुद का मेडिकल कराया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया
इस घटनाक्रम के बाद सीआई करण सिंह ने अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल पहुंचकर मेडिकल करवाया, जिसमें उनके कान और गाल पर चोट पाई गईं। लेकिन मामला एसपी के बेटे से जुड़ा होने के कारण उन्होंने एफआईआर दर्ज नहीं की। मामला उजागर होने पर भी मुकदमा दर्ज नहीं करने से पुलिस की काफी किरकिरी हो गई और यह चर्चा का विषय बन गया।
आईजी रूपेंद्र सिंह के निर्देश के बाद मामला दर्ज
पूरा मामला सामने आने और अपने स्तर पर पड़ताल के बाद आईजी रूपेंद्र सिंगन ने इस पर प्रसंज्ञान लेते हुए युवक के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। तब जाकर रविवार रात पुलिस ने आरोपी प्रवीण सिंह के खिलाफ जानलेवा हमला करने, लोक सेवक से मारपीट और राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।