रेगिस्तानी जिले जैसलमेर समेत पूरे इंदिरा गांधी नहरी क्षेत्र में हर साल की तरह इस बार भी नहरबंदी होने जा रही है। छह मई से पूर्ण नहरबंदी की जाएगी, जिससे अब नहरों में पेयजल नहीं आएगा। अब पेयजल आपूर्ति स्टोरेज पानी से होगी, जोकि लगभग आधी सप्लाई होगी। 25 दिन की इस पूर्ण नहरबंदी से अंतिम के दिनों में पेयजल संकट गहरा सकता है।
जैसलमेर समेत पश्चिमी राजस्थान के जिलों में आगामी छह मई से पानी का संकट खड़ा हो सकता है। इस बार पानी का संकट इतना बड़ा है कि सरकार ने पुलिस के जवानों को इंदिरा गांधी नहर पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण अंचलों में आएगी। जो आगामी 30 मई तक बनी रहेगी।
सफाई और मरम्मत के लिए होती है नहरबंदी
इंदिरा गांधी नहर की सफाई और मरम्मत के लिए हर साल होने वाली नहरबंदी पिछले दिनों नहीं हो पाई। इसका असर छह मई से दिखना शुरू हो जाएगा। जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिलों को नहर से पांच मई तक ही पानी मिल सकेगा। इसके बाद स्टोरेज हुए पानी से ही वाटर सप्लाई करनी पड़ेगी। पंजाब में नहर की मरम्मत के लिए हरिके बैराज से बुधवार को पानी पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
30 मई को हरिके बैराज से छोड़ा जाएगा पानी
पंजाब के साथ राजस्थान में भी पानी नहीं आ रहा। पहले से चल रहा पानी ही आगे पहुंच रहा है, जो धीरे-धीरे बंद हो जाएगा। अब 30 मई को हरिके बैराज से पानी छोड़ा जाएगा। जो पांच जून तक इंदिरा गांधी नहर के बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर के हिस्से को मिल पाएगा।
सिंचाई के लिए एक महीने से बंद है पानी
सिंचाई के लिए पानी एक महीने पहले ही बंद किया जा चुका है। अभी सिर्फ पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है। पांच मई बाद ये आपूर्ति भी बंद हो जाएगी। इससे नहरी क्षेत्र में बड़ा जल संकट खड़ा होना तय माना जा रहा है। इस दौरान अगर कोई किसान पानी का उपयोग सिंचाई के लिए करेगा तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
मई-जून में हो की जाती है नहरबंदी
आमतौर पर इस समय किसानों की नहर पर निर्भरता कम होती है। रबी के बाद और खरीफ के मौसम की शुरुआत के बीच में नहर बंद की जाती है, ताकि किसानों की सिंचाई में दिक्कत नहीं हो। हर बार नहरी विभाग मरम्मत कार्यों का सर्वे करता है। इसके बाद एक महीने के अंतराल में युद्ध स्तर पर काम किया जाता है। हर बार सिंचाई का पानी 60 दिन तक रोका जाता है, जबकि पीने का पानी 30 दिन तक रोक लिया जाता है।
अधिकारियों का दावा जैसलमेर में नहीं होगा संकट
IGNP के एडिशनल चीफ का कहना है कि जैसलमेर में इस बार पानी की विशेष किल्लत नहीं होनी चाहिए। अभी हमें 24 घंटे और पानी मिलेगा। जिससे सभी पौंड भर लिए गए हैं। अब भरे हुए पौंड से जलापूर्ति की जाएगी। इसके साथ ही अब नहरबंदी 30 की बजाय 25 दिन की ही रह गई है। हर बार नहरबंदी के अंतिम दिनों में ही परेशानी होती है, तो उम्मीद है कि इस बार परेशानी नहीं होगी।