राजस्थान सहित देश के लिए खुशखबरी है। राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर स्थित बाड़मेर जिले में तेल एवं प्राकृतिक खोज कार्य में जुटी केयर्न एनर्जी को एक और कच्चे तेल के भंडार का पता चला है।
इस खोज के बाद बाड़मेर में कच्चे तेल के भंडार की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।
कंपनी बोर्ड के सदस्य एंगलो पी ने कहा कि हम बाड़मेर बेसिन में तेल खोजने में 26वीं बार सफल हुए हैं। हम अपनी इस उपलब्धि पर काफी खुश हैं।
एंगलो ने कहा कि हम पूरी इच्छा शक्ति के साथ तेल के दोहन और खोज के अपने काम को आगे बढ़ाएंगे। यह तेल भंडार रागेश्वरी के दक्षिण में स्थित है।
इस खोज से जुड़े तेल की सम्पूर्ण मात्रा और संसाधन आधार जानने के लिए आकलन किया जा रहा है।
बाड़मेर के आरजे-ओएन-90/1 ब्लॉक के लिए तेल खोज कार्य योजना को प्रबंधन समिति ने 14 फरवरी 2013 को स्वीकृत किया था। इसके बाद केयर्न इंडिया ने ब्लॉक के दक्षिण में 25 फरवरी को पहले अन्वेषण कुएं की ड्रिलिंग रागेश्वरी-दक्षिण-1 के रूप में की।
तकनीकी आकलनों के अनुसार इस क्षेत्र में लगभग 10 मीटर का तेल युक्त कॉलम धारवी डूंगर फॉर्मेशन में मौजूद है। रागेश्वरी-तुकाराम क्षेत्र में पहली बार तेल की खोज धारवी डूंगर सैंड से हुई है। जबकि पहले हुई खोजें इससे कम गहराई पर थुम्बली सैंड्स के स्टार पर थी।
खोज है महत्वपूर्ण
केयर्न एनर्जी द्वारा की गई कच्चे तेल की खोज बेहद महत्वपूर्ण है। इसके तहत दो साल में सौ कुएं खोदे जाएंगे। दूसरे फेज की इस पहली खोज से कंपनियों का हौसल भी बढ़ा है।
नीति बदलाव का परिणाम
केंद्र द्वारा हाल ही में तेल खोज नीति में बदलाव के बाद यह खोज संभव हो पाई है। नई नीति 14 फरवरी 2013 से लागू की गई है। पहले नियमों के अनुसार जिस ब्लॉक में कोई कंपनी तेल उत्पादन कार्य कर रही हो, उसके समानांतर उस ब्लॉक में खोज नहीं की जा सकती थी।