राजस्थान के डूंगरपुर जिले के गामड़ी अहाड़ा वजेला फला में एक महिला को डायन बताकर उसके दोनों हाथ जलाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने महिला के हाथों पर जलते हुए दिए रख दिए। वह दर्द से चीखती रही, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। महिला का आरोप है कि उसी के देवर और देवरानी ने भोपे के साथ मिलकर उसके साथ ऐसी क्रूरता की है। इसमें अन्य 5-6 लोगों ने भी उनका साथ दिया था।
दरअसल, रामसागड़ा थाना क्षेत्र के गामड़ी अहाडा वजेला फला में रहने वाली महिला के साथ ये क्रूरता हुई है। पीड़िता ने बताया कि उसके देवर रूपसी पुत्र पूंजा डामोर, पप्पू पुत्र पूंजा डामोर, देवरानी लक्ष्मी पत्नी रूपसी डामोर और समू पत्नी पप्पू डामोर उस पर डायन होने का शक करते हैं। 3 सितंबर को देवर और देवरानी इलाज करवाने के बहाने उसे मनपुर गांव में एक महिला भोपे (तांत्रिक) के पास ले गए। उन्होंने कॉल कर आशा पुत्री धुला कटारा निवासी मनपुर को भी वहां बुला लिया। इसके बाद महिला तांत्रिक ने उसके बेटे हरीश को घर से बाहर बैठने के लिए कहा, जबकि देवर और देवरानी ने डायन निकालने की बात करते हुए उसे पकड़ लिया। महिला तांत्रिक डायन निकालने का ढोंग करते हुए उसके हाथों को जलाती रही।
सभी ने उसके हाथों पर जलते हुए दिए रख दिए। दर्द के कारण वह चीखती रही, उसकी आवाज बाहर ना जाए इसलिए आरोपियों ने उसका मुंह भी पकड़ लिया। मां की आवाज सुनकर हरीश अंदर आ गया और उसे बचाने का प्रयास किया। लेकिन, तब तक उसके दोनों हाथ जल गए थे। इसके बाद हरीश मां को अस्पताल ले गया और उसका उपचार कराया।
पीड़ित महिला ने देवर और देवरानी पर डायन बताकर जिंदा जलाने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि कई महीने से डायन बताकर परिवार के लोग परेशान कर रहे हैं। रामसागड़ा थाना अधिकारी मणिलाल ने बताया कि पीड़ित महिला की ओर से एसपी ऑफिस में परिवाद दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।