बूंदी जिला अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के बाद तीन प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई। कोटा रेफर करने पर दो की मौत हो गई, जबकि तीसरी का उपचार जारी है। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाकर हाईवे जाम किया और मुआवजे की मांग की।
जिला अस्पताल के जनाना अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के बाद तीन प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। हालत गंभीर होने पर तीनों को कोटा रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान दो प्रसूताओं की मौत हो गई। तीसरी प्रसूता का कोटा के सरकारी अस्पताल में उपचार जारी है।
दो प्रसूताओं की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सिलोर निवासी प्रसूता वर्षा सेन की मौत की सूचना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सिलोर स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर उच्च अधिकारियों को बुलाने, संबंधित डॉक्टर को सस्पेंड करने और 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास किया जा रहा है।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी कविता की तबीयत
वर्षा सेन की भी कोटा में मौत
इसी तरह सिलोर निवासी 28 वर्षीय वर्षा सेन पत्नी हनुमान सेन की भी जिला अस्पताल में ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे कोटा रेफर किया गया। उपचार के दौरान वर्षा सेन की भी मौत हो गई। वर्षा की मौत की सूचना मिलने के बाद सिलोर में परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद उन्होंने स्टेट हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
तीसरी प्रसूता का कोटा में उपचार जारी
दबलाना निवासी जीनेत पत्नी अलाउद्दीन की भी जिला अस्पताल में ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने उसे कोटा रेफर किया, जहां उसका उपचार जारी बताया जा रहा है।
जाम लगाकर प्रदर्शन, डॉक्टर को सस्पेंड करने की मांग
दो प्रसूताओं की मौत के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। आक्रोशित लोगों ने सिलोर स्टेट हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए, संबंधित डॉक्टर को सस्पेंड किया जाए और मृतका के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
सूचना के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में मौके पर समझाइश का दौर जारी है। परिजनों ने मामले में पोस्टमार्टम, चिकित्सकीय रिकॉर्ड की जांच और ऑपरेशन से लेकर कोटा रेफर किए जाने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।