राजस्थान की राजनीति में पंचायत राज चुनाव से पहले किसान नेता नरेश मीणा ने बड़ा सियासी ऐलान किया है। अब वे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ मिलकर पंचायत राज चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेंगे। शुक्रवार को बूंदी दौरे के दौरान रामगंज बालाजी क्षेत्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में नरेश मीणा ने आम आदमी पार्टी से समर्थन वापस लेने और बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की। इस दौरान बसपा प्रदेश अध्यक्ष अमित सिंह भी उनके साथ मौजूद थे।
नरेश मीणा ने कहा कि पंचायत राज चुनाव में बूंदी, बारां और देवली-उनियारा क्षेत्र सहित संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में बसपा के समर्थन से उम्मीदवार उतारे जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में संयोजकों की नियुक्तियां भी कर दी गई हैं। पार्टी को बड़ी संख्या में आवेदन मिल रहे हैं। इन आवेदनों की छंटनी के बाद जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।
आप पर लगाया अनदेखी का आरोप
नरेश मीणा ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर उनकी मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब वे जेल में थे, तब उनके समर्थकों ने आप पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था और कुछ उम्मीदवारों को जीत भी मिली थी।
मीणा ने आरोप लगाया कि पंचायत राज चुनाव के टिकट वितरण के दौरान उनके द्वारा भेजी गई सूचियों के बजाय अन्य लोगों को उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस नेता प्रमोद जैन भाया पर भी षड्यंत्र करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आप पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया तक अपनी बात पहुंचाई गई है। चुनाव को लेकर पार्टी नेतृत्व से देर रात तक बातचीत भी हुई लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद उन्होंने आप पार्टी से समर्थन वापस लेकर बसपा के साथ जाने का फैसला किया।
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बसपा को बताया तीसरा मजबूत विकल्प
नरेश मीणा ने कहा कि राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के अलावा बसपा एक मजबूत राजनीतिक विकल्प है। उन्होंने कहा कि पंचायत राज चुनाव में उनकी कोशिश सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की होगी। जहां पंचायत समिति प्रधान के लिए उम्मीदवार उतारने की जरूरत होगी, वहां प्रधान पद के लिए और जहां जिला परिषद सदस्य या जिला प्रमुख बनाने की संभावना होगी, वहां उसी के अनुसार रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में ऐसी स्थिति बनाने का प्रयास किया जाएगा कि बसपा के समर्थन के बिना भाजपा या कांग्रेस के लिए जिला प्रमुख बनाना आसान नहीं होगा। मीणा ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर पंचायत राज संस्थाओं में अपनी राजनीतिक ताकत स्थापित करना है।
साथ निभाने का भरोसा
पत्रकार वार्ता में मौजूद बसपा प्रदेश अध्यक्ष समृद्ध सिंह ने नरेश मीणा का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी लोकप्रियता और जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने नरेश मीणा के राजनीतिक भविष्य को उज्ज्वल बताते हुए कहा कि बसपा ने उनके जनसमर्थन और राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए साथ आने का निर्णय लिया है। समृद्ध सिंह ने कहा कि बसपा केवल पंचायत राज चुनाव ही नहीं, बल्कि राजस्थान में होने वाले अन्य चुनावों में भी नरेश मीणा के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों मिलकर चुनावी मैदान में उतरेंगे और संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे।
चुनावी तैयारियां तेज
बता दें कि नरेश मीणा एक दिवसीय दौरे पर बूंदी पहुंचे थे। पंचायत राज चुनाव से पहले बसपा के साथ गठबंधन की इस घोषणा को क्षेत्र की राजनीति में एक नए समीकरण के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजरें उम्मीदवारों की सूची और चुनावी मैदान में बसपा समर्थित प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर रहेंगी। नरेश मीणा का दावा है कि उनकी टीम जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगी और पंचायत राज चुनाव में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी।