जिले में इन दिनों वन क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और अवैध खनन कार्य जोरों पर है। वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा इसे रोकने का प्रयास करना उनकी जान पर खतरा बनता जा रहा है। ऐसा ही एक मामला बूंदी जिले के मायजा नाके से सामने आया है, जहां अवैध पेड़ों की कटाई और मिट्टी खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर 2 दर्जन से अधिक अवैध खनन करने वालों खननकर्ताओं ने हथियारों और लाठियों से हमला कर दिया, हमले में वन विभाग के रेंजर सहित 6 कर्मचारी घायल हो गए, जिनका पुलिस ने जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार करवाकर मेडिकल कराया है। कर्मचारी की रिपोर्ट पर आठ नामजद सहित 10-12 अन्य के खिलाफ राजकार्य में बाधा सहित अन्य धारा में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
मामले की सूचना पर रायथल पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल वनकर्मियों के बयान लेकर हमलावरों के विरुद्ध राजकार्य में बाधा और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। राजस्थान के राजसमंद जिले में हुई रेंजर की हत्या के बाद बूंदी में हुए वन विभाग की टीम पर हमले से वन विभाग में आक्रोश ओर बढ़ता जा रहा है।
गश्त के दौरान रेंजर और वनकर्मियों पर हमला
डीएफओ देवेंद्र भाटी ने बताया कि बूंदी के क्षेत्रीय वन अधिकारी अपनी टीम के साथ गश्त के लिए गए थे, जहां वन क्षेत्र में अवैध रूप से काम कर रही एक जेसीबी, दो ट्रैक्टर और कुट्टी मशीन जब्त की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. इसके बाद वनकर्मी जब्त संसाधनों को लेकर बूंदी के लिए रवाना हुए।
इसी दौरान दो दर्जन खननकर्ताओं ने वनकर्मियों को घेर लिया और मारपीट करने लगे। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से वनकर्मियों पर हमला कर दिया, जिससे सभी वनकर्मियों को चोटें आई हैं। घटना में एक फॉरेस्टर का हाथ टूट गया, हमलावरों ने राजकीय वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घायल वनकर्मियों का बूंदी के सामान्य चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार करवाकर मेडिकल करवाया है।
वनखंड रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से विस्थापन्न होने वाले गांवों को बसाने की योजना है। लोग यहां से चोरी-छिपे विलायती बबूल की कुट्टी बनाकर बेचने का धंधा कर रहे हैं। इन दिनों जिले में कई जगह इस तरह विलायती बबूल काटकर बेचने का काम चल रहा है।
वनकर्मियों पर हमले के मामले में रायथल थाना पुलिस ने 8 नामजद और 10 से 12 अन्य लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने, सरकारी संपति को नुकसान पहुंचाने, जब्तशुदा वाहनों को हथियारों के दम पर छुड़ा ले जाने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। थानाप्रभारी राजाराम ने बताया कि हमले में घायल वनकर्मियों का मेडिकल करवाया गया है, साथ ही मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कुट्टी का अवैध कारोबार जोरों पर
जानकारी के अनुसार बूंदी जिले में बड़ी संख्या में पेड़ों को अवैध खननकर्ताओं द्वारा काटा जाता है और मौके पर ही मशीन लगाकर उन पेड़ों की कुट्टी मशीन के माध्यम से कुट्टी की जाती है। यानि लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़े किए जाते हैं, जिसे बाद में कोयला बनाने के लिए उपयोग में लिया जाता है।
बूंदी जिले के कापरेन, केशोरायपाटन, लाखेरी, मायजा इलाके में बड़ी संख्या में विदेशी बबूल होने के चलते इसके जंगलों को खनन माफिया बड़ी तेजी से साफ कर रहे हैं और कुट्टी मशीन में पेड़ों की कटाई कर अवैध खनन किया जा रहा है। यही कारण रहा कि वन विभाग की टीम इन माफिया पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची तो माफियाओं ने टीम पर हमला कर दिया।