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बूंदी राज परिवार की पाग: कुंवर वंशवर्धन सिंह के नाम पर भंवर जितेन्द्र सिंह ने भी लगाई मुहर 

Wed, 15 Dec 2021 11:22 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी

सार

जितेन्द्र सिंह ने पत्र में कहा कुंवर वंशवर्धन सिंह कापरेन ही पाग के लिए एकमात्र उपयुक्त व्यक्ति हैं, कुंवर वंशवर्धन सिंह के पाग का दस्तूर भी में अपनी उपस्थिति में करना चाहता हूं। 
 
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हाड़ा की ताजपोशी - फोटो : ANI
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विस्तार
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बूंदी राज परिवार की पाग को लेकर राजपूत समाज के दो गुटों में उत्तराधिकारी को लेकर चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को बूंदी राजघराने के भानेज और अलवर पूव महाराव भंवर जितेन्द्र सिंह ने पूर्व महाराव बहादुर सिंह के छोटे भाई महाराजा केसरी सिंह के पौत्र कुंवर वंशवर्धन सिंह को पाग का उचित उत्तराधिकारी मानते हुए उनके नाम पर अपनी भी सहमति जता दी। भंवर जितेन्द्र सिंह ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि कुंवर वंशवर्धन सिंह के पाग के दस्तूर भी वे स्वयं अपनी उपस्थिति में करना चाहते हैं। 

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पूर्व महाराज ब्रजराज सिंह भी दे चुके हैं समर्थन
इससे पूर्व कोटा के पूर्व महाराज ब्रजराज सिंह भी पत्र के माध्यम से कुंवर वंशवर्धन सिंह को बूंदी की पाग का असली हकदार मानने के प्रस्ताव का अनुमोदन करते हुए मान्यता दे चुके हैं। जबकि राजपूत समाज की पाग समिति सामूहिक निर्णय लेकर ब्रिगेडियर भूपेंद्र सिंह हाड़ा को बूंदी राजपरिवार का उचित उत्तराधिकारी मानते हुए तीन दिन पूर्व पाग बांध चुकी है। अब बूंदीवासियों के आगे विकट स्थिति यह आ गई कि वो बूंदी रियासत का 26वां राजा किसे मानें? हालांकि जानकारों की मानें तो परंपरागत रूप से राजा के बाद उसका पुत्र उत्तराधिकारी बनते हैं। पुत्र न होने की स्थिति में उसका निकट का रक्त संबंधी ही उत्तराधिकारी बनता है। निकट रक्त संबंधी के नाते कापरेन परिवार ही वास्तविक हकदार और हर मापदंड पर योग्य भी है। इस बात का जिक्र कोटा के पूर्व महाराव ब्रजराज सिंह, अलवर पूर्व महाराव भंवर जितेन्द्र सिंह अपने अपने पत्रों में कर चुके हैं।

शुभ मुहूर्त के साथ मोती महल में करेंगे पाग का दस्तूर
संभावित बूंदी रियासत के 27 वे महाराज कुंवर वंशवर्धन सिंह के पिता व कापरेन महाराज बलभद्र सिंह ने कहा कि जल्द ही शुभ मुहूर्त के साथ मोती महल में पाग दस्तूर होगा। उसके बाद छत्र महल में रतन दौलत (दरी खाना) में अन्य रस्में अदा की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अलवर पूर्व महाराज व बूंदी राजपरिवार के भानेज भंवर जितेन्द्र सिंह और कोटा राजपरिवार के सदस्यों के सानिध्य में राजपुरोहित द्वारा पाग दस्तूर संपन्न करवाया जाएगा। कापरेन पूर्व महाराज ने कहा कि मल मास पूरा होते ही कार्यक्रम की तिथि सार्वजनिक करेंगे।
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कोटा, अलवर राजघराने पर छोड़ा था फैसला 
बूंदी के पूर्व राज परिवार की पाग को लेकर राजपूत समाज में बने दो गुटों की स्थिति को देखते हुए बूंदी जिला स्तरीय शिक्षा प्रचारिणी समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में पाग का निर्णय कोटा व अलवर राजघराने पर छोड़ने का निर्णय लिया गया था। बैठक में उपस्थित सभी वक्ताओं ने पाग के कारण समाज में बनी टकराव की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्णय लिया था कि जब तक पाग का सर्वमान्य राज्य व कुल परंपरा के अनुसार हल नहीं निकले तब तक दोनों पक्ष पाग के कार्यक्रम को टालेंगे। पाग का निर्णय कोटा व अलवर राजघराने पर छोड़ने का निर्णय लिया था। हालांकि पाग समिति ने पूर्व घोषित पाग दस्तूर के कार्यक्रम को आयोजित कर ब्रिगेडियर भूपेश सिंह हाड़ा को बूंदी राजपरिवार का उचित ओर योग्य उत्तराधिकारी मानते हुए पाग बंधवाया था।

इधर, बूंदी रियासत के 26वें राव राजा को लेकर वंशवर्धन सिंह आज खुलकर सामने आए। स्वयं को बूंदी रियासत की पाग का असली हकदार भी कहा। जल्द खुद के पाग समारोह की बात कही है। आज वंशवर्धन सिंह और राजपूत समाज के कई प्रमुख लोगों ने बूंदी में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने 12 दिसंबर को हुए ब्रिगेडियर भूपेश हाड़ा के पाग समारोह पर कड़ी आपत्ति जताई। मंदसौर धन सिंह ने कहा कि भूपेश के पाग समारोह की वजह से जनता और राजपूत समाज में भ्रम की स्थिति फैली है। वंशवर्धन सिंह ने आगामी पाग समारोह के कार्यक्रम की तिथि नहीं बताई। उन्होंने यह जरूर कहा कि भंवर जितेंद्र सिंह जल्द ही पाग दस्तूर की तिथि भी तय करेंगे और उसमें शामिल भी होंगे। उन्होंने खुद को पाग का असली हकदार भी बताया। मीडिया को बताया कि वंशवर्धन सिंह के पाग दस्तूर में देशभर के देशी रियासतों के पूर्व राजा महाराजाओं व ठिकानेदार भी आमंत्रित होंगे। ठिकानेदारों एवं राजपूत समाज के वरिष्ठ लोगों ने कहा कि राजतिलक व पाग का दस्तूर यहां की 800 की ऐतिहासिक व गौरवशाली परंपराओं के अनुरूप होगा।

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