राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर जिले के सांभरलेक थाने में तैनात एसएचओ राममिलन मीणा को 50 हजार रुपये की मासिक रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस अधिकारी ने एसीबी की ट्रैप कार्रवाई से बचने के लिए रिश्वत की रकम को सीधे हाथ से छूने के बजाय तौलिए के जरिए उठाने की कोशिश की। हालांकि, एसीबी की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच के सामने उसकी यह तरकीब काम नहीं आई।
मासिक बंधी की मांग
टेबल और तौलिए के जरिए रिश्वत लेने की कोशिश
एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई के लिए रिश्वत की रकम पर विशेष रसायन लगाया था। एसएचओ राममिलन मीणा केमिकल जांच की प्रक्रिया से परिचित था। जब परिवादी 50 हजार रुपये लेकर थाने पहुंचा, तो एसएचओ ने नोट सीधे अपने हाथ में लेने के बजाय उन्हें टेबल पर रखने को कहा। इसके बाद उसने हाथों का इस्तेमाल करने के बजाय सफेद तौलिए की मदद से नोट उठाए और उन्हें अपनी टेबल की रैक में रख दिया। आरोपी को लगा कि नोटों को सीधे हाथ से नहीं छूने पर वह रासायनिक जांच में बच जाएगा।
तौलिए की जांच में खुली पोल
एसीबी टीम ने एसएचओ के दोनों हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाए, लेकिन घोल का रंग नहीं बदला। इससे आरोपी को लगा कि उसकी योजना सफल हो गई है। हालांकि, एसीबी ने जांच केवल उसके हाथों तक सीमित नहीं रखी और उस सफेद तौलिए को भी कब्जे में ले लिया, जिससे उसने रिश्वत के नोट उठाए थे। तौलिए के जिस हिस्से से नोट पकड़े गए थे, उसे रासायनिक घोल में धोया गया तो घोल का रंग गुलाबी हो गया। इससे रिश्वत की रकम के संपर्क में तौलिए के आने की पुष्टि हुई।
पूछताछ में किया रिश्वत लेने से इनकार