जयपुर के किशनगढ़ रेनवाल स्थित श्री शिरडी साईं बाबा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल में एसीबी ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बीएएमएस छात्रा को दूसरे कॉलेज से इंटर्नशिप करने के लिए एनओसी जारी करने के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
एसीबी के मुताबिक शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत की रकम 35 हजार रुपये में तय होने की पुष्टि हुई। इसके बाद गुरुवार को टीम ने कॉलेज के कैशियर एवं स्टोर कीपर रमेश कुमार शर्मा को 35 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
छात्रा की NOC के लिए मांगी थी रिश्वत
डीजी एसीबी गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी की भतीजी कॉलेज में बीएएमएस की छात्रा है। उसे किसी अन्य कॉलेज से इंटर्नशिप करने के लिए एनओसी की जरूरत थी। आरोप है कि एनओसी जारी करने के एवज में कॉलेज के कर्मचारियों ने 40 हजार रुपये की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और एएसपी भूपेंद्र के नेतृत्व में इसका सत्यापन कराया गया। सत्यापन में पहले 40 हजार रुपये की मांग और बाद में 35 हजार रुपये में सौदा तय होने की पुष्टि हुई।
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पूछताछ में दो और कर्मचारियों के नाम
ट्रैप कार्रवाई के बाद एसीबी ने आरोपी रमेश कुमार शर्मा से पूछताछ की। इस दौरान कॉलेज के क्वालिटी कंट्रोल लैब इंचार्ज एवं डिप्टी डायरेक्टर योगेश कुमार अपूर्वा और कम्प्यूटर ऑपरेटर/कनिष्ठ सहायक राजकुमार मीणा की भी कथित संलिप्तता सामने आई।
इसके बाद एसीबी ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों से रिश्वत प्रकरण में पूछताछ की जा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज
कार्रवाई एसीबी जयपुर नगर प्रथम की टीम ने पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के नेतृत्व में की। एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में आगे की जांच की जा रही है।
एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में रिश्वत की मांग और अन्य आरोपों से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जांच की जाएगी।