उमरिया जिले के विश्व विख्यात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फिर एक मादा बाघ शावक की मौत हो गई। पार्क प्रबंधन ने बताया कि आज दिन को वाटरहोल चेकिंग के दौरान परिक्षेत्र सहायक गोहड़ी, आरएफ 315 बीट महामन में स्थान झोरझोरा कुंड के पास एक मृत मादा बाघ का शव देखा।
इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। जिस पर घटना स्थल पर पहुंच कर स्नीफर डॉग एवं मेटल डिटेक्टर द्वारा सर्च कराया गया। स्थान का हाथियों द्वारा निरीक्षण करने पर एक नर बाघ घटना स्थल से महज 150 मीटर दूरी पर बैठा देखा गया। कुछ समय उपरान्त उसी वाटर होल में पानी पीते हुए भी दिखाई दिया।
साथ ही मृत मादा बाघ शावक के गले एवं पीठ पर दांतों के घाव के निशान मिले हैं। प्रथम दृष्ट्या लग रहा कि नर बाघ ने शावक को मारा है। पशु चिकित्सा अधिकारी नितिन गुप्ता ने शव का पोस्टमार्टम किया। उसके बाद फॉरेन्सिक सैंपल लिए गए। सक्षम अधिकारी की उपस्थिति में मृत मादा शावक बाघ का शवदाह किया गया।
इस पूरे मामले को लेकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्य जीव चिकित्सक डॉक्टर नितिन गुप्ता ने बताया कि नर बाघ ने ही इस मादा शावक को मारा है। संभवतः इसकी उम्र 8 से 10 माह के बीच की रही होगी। साथ ही नर बाघ वहीं बैठा था एवं मृत मादा शावक के शरीर में दांत और नाखून के निशान मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि यहां हमेशा ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। जब टाइगर मीटिंग पीरियड में होता है तो किसी दूसरे बाघ को बर्दाश्त नहीं करता है।