भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे को लेकर बुधवार को राजस्थान विधानसभा में नारेबाजी की। भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार के चुनावी वादों को ढकोसला बताया।
राज्य के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री अशोक चांदना ने प्रश्नकाल के दौरान विधायक कालीचरण सराफ के एक सवाल के जवाब में बताया कि राज्य के रोजगार कार्यालयों में 10.73 लाख शिक्षित बेरोजगार युवा पंजीबद्ध हैं और राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 3500 रुपये तक भत्ता देने की घोषणा की थी।
उन्होंने सूचित किया कि राज्य सरकार ने दिसंबर 2018 से मई 2019 तक 40,118 लाभार्थियों को 5909 लाख रुपये वितरित किए। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेरोजगारों का पंजीयन अब ऑनलाइन होता है और 29,019 नए पंजीकरण हुए हैं।
इस पर विधायक सराफ ने पूरक प्रश्न पूछा कि कांग्रेस सरकार के आने के बाद कितने बेरोजगार युवाओं को भत्ता मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने भी इसमें शामिल होते हुए कहा कि बांसवाड़ा, उदयपुर और डूंगरपुर जिलों में यह भत्ता पाने वाले युवाओं की संख्या कम क्यों है?
मंत्री चांदना ने कहा कि ये आंकड़े तो पिछली भाजपा सरकार के ही हैं और यह शोध का विषय है कि संख्या इतनी कम क्यों है? इस पर भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करते हुए आसन के सामने आ गए। उन्होंने भत्ते को ढकोसला करार दिया और सदन से बहिर्गमन कर दिया। सदन में प्रश्नकाल की कार्रवाई जारी रही और इस दौरान भाजपा के केवल वही सदस्य सदन में आए जिनके सवाल सूचीबद्ध थे।